कमिश्नर ने की कार्रवाई : गरियाबंद जिला के डिप्टी कलेक्टर निलंबित, जांच रिपोर्ट में नियमों की खुली अनदेखी उजागर

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले के उरमाल में हुए चर्चित अश्लील ऑर्केस्ट्रा डांस कांड में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद नियमों के उल्लंघन और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई संभागायुक्त महादेव कावरे द्वारा की गई है।

अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी थी, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि एसडीएम मरकाम ने सभी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए आपत्तिजनक एवं अश्लील प्रकृति के कार्यक्रम को अनुमति प्रदान की थी। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने न केवल नियमों की अनदेखी की, बल्कि स्वयं कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहकर आयोजन का आनंद लिया।

अनुमति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं

जांच समिति द्वारा आयोजक मंडल, कोटवार, सरपंच-पंच एवं मीडिया कर्मियों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 को आवेदन प्राप्त होते ही उसी दिन कार्यक्रम की अनुमति दे दी गई। आवेदन में नरेंद्र साहू को अध्यक्ष दर्शाया गया, जबकि उन्हें आवेदन की कोई जानकारी ही नहीं थी। सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि न तो पुलिस और न ही तहसीलदार से कोई प्रतिवेदन लिया गया, वहीं भूमि स्वामी की सहमति भी नहीं ली गई। प्रतिवेदन मंगाने की प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित रही।

निलंबन का आदेश जारी

तत्कालीन SDM तुलसी दास मरकाम

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर द्वारा एसडीएम मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रस्तुत स्पष्टीकरण को जांच उपरांत असंतोषजनक पाए जाने पर संभागायुक्त महादेव कावरे ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम (रा.प्र.से.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय बलौदाबाजार-भाटापारा निर्धारित किया गया है तथा वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।

वायरल वीडियो से मचा था बवाल

गौरतलब है कि उरमाल में आयोजित ऑर्केस्ट्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें डांसरों को अर्धनग्न अवस्था में अश्लील डांस करते, मंच पर कपड़े उतारते और दर्शकों द्वारा खुलेआम पैसे उड़ाते देखा गया था। वीडियो में तत्कालीन एसडीएम तुलसीदास मरकाम और कई पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे थे। कुछ पुलिसकर्मी डांसरों के साथ अशोभनीय हरकतें करते और वीडियो बनाते नजर आए थे। इसके बाद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने एसडीएम मरकाम को पद से हटा दिया था।

पुलिस की कार्रवाई जारी

डांसर सुचित्रा जेना गिरफ्तार

मामले में एसपी वेदव्रत सिरमौर्य ने देवभोग थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे, आरक्षक शुभम चौहान और जय कंसारी को भी निलंबित कर दिया है। इससे पहले आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने ओडिशा की डांसर सुचित्रा जेना को गिरफ्तार कर सह-आरोपी बनाया है। पुलिस अब ओडिशा की डांसर निशा महाराणा (जिसे ‘सनी लियोनी’ के नाम से प्रचारित किया गया था) की तलाश में जुटी है।

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