आचार्य चाणक्य स्मृति दिवस पर व्याख्यान, विप्र सम्मान एवं धार्मिक प्रश्नोत्तरी सम्पन्न

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद द्वारा आचार्य चाणक्य स्मृति दिवस का आयोजन वृन्दावन हाल, रायपुर में किया गया. जिसमें आचार्य चाणक्य जी के जीवन एवं सिद्धांतों पर व्याख्यान, विप्र सम्मान एवं दर्शकों के लिए धार्मिक प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के सम्मानित विशिष्ट आतिथि संदीप शर्मा अध्यक्ष – छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग, श्रीमती वर्णिका शर्मा अध्यक्ष – राज्य बाल संरक्षण आयोग, शशांक शर्मा अध्यक्ष, छत्तीसगढ संस्कृति परिषद, राजेश अग्रवाल वरिष्ठ समाजसेवी एवं सम्मानित विद्वान वक्ता उमाशंकर व्यास, वरिष्ठ निदेशक – नवभारत प्रेस, प्रभात मिश्र, कार्य परिषद सदस्य, कुशाभाउ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, ईशान शर्मा, राष्ट्रवादी कवि थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन एवं सुमन मिश्रा – वीणा मिश्रा के गणेश वंदना से किया।
अतिथियों का मंच से स्वागत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा ने वर्ल्ड ब्राह्मण फ़ेडरेशन द्वारा वर्ष भर की गतिविधियों एवं रचनात्मक कार्यो से अतिथियों एवं सभा को अवगत कराया. कार्यक्रम संयोजक अजय अवस्थी ने आचार्य चाणक्य स्मृति दिवस की पृष्ठभूमि, ब्राह्मण समाज की भूमिका एवं विषय से अवगत कराया।
समाज में वैमनस्य पैदा करना उचित नहीं

कार्यक्रम में आमंत्रित विद्वान वक्ता उमाशंकर व्यास ने कहा कि चाणक्य का दर्शन और सिद्धांत सामाजिक समरसता पर आधारित है। क्षेत्रीयता को लेकर समाज में वैमनस्य पैदा करना उचित नहीं है। इस कार्यक्रम के विशिष्ट आतिथि संदीप शर्मा ने कहा कि चाणक्य ने छोटे-छोटे जनपदों में बंटे भारत को एक सूत्र में पिरोने का सपना देखा था। सांस्कृतिक एकता एवं अखंड भारत का विचार आधुनिक हिंदुत्व का एक प्रमुख स्तंभ है।
विशिष्ट अतिथि वर्णिका शर्मा ने कहा कि चाणक्य की नीति ‘साम- दाम- दंड- भेद’ एवं “शांति केवल शक्तिशाली राष्ट्र ही स्थापित कर सकते हैं” यह ‘सशक्त भारत’ और राष्ट्रीय सुरक्षा की नीतियों से मेल खाता है। विशिष्ट अतिथि राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘धर्म’ का अर्थ केवल पूजा पद्धति नहीं, बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘न्याय’ है। “सुखस्य मूलं धर्मः” धर्म ही समाज को अनुशासित और नैतिक बनाए रखता है।
सनातन मूल्यों की रक्षा का आव्हान

विशिष्ट अतिथि शशांक शर्मा ने कहा कि समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए आज चाणक्य दर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्वान वक्ता प्रभात मिश्र ने कहा कि जो व्यक्ति अपनी बुद्धि से दूसरों के लिए कार्य करता है वह स्वयं ही अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है। विद्वान वक्ता ईशान शर्मा ने सनातन मूल्यों की रक्षा का आव्हान किया।
दर्शकों के लिए आयोजित धार्मिक प्रश्नोत्तरी में गुणानिधि मिश्रा और अरविन्द ओझा ने दर्शकों से धार्मिक प्रश्न पूछे, सही उत्तर देने वाले सभी दर्शकों को अतिथियों के द्वारा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित अतिथियों एवं विद्वान वक्ताओं को शाल, स्मृति चिन्ह एवं पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अजय अवस्थी – अरविन्द ओझा एवं आभार प्रदर्शन नमिता शर्मा द्वारा किया गया।
इनकी रही उपस्थिती
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा, महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश मिश्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधि मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक अजय अवस्थी, प्रदेश महासचिव सुनील ओझा, प्रदेश सलाहकार रज्जन अग्निहोत्री, त्रिभुवन नाथ तिवारी, युवा अध्यक्ष अविनय दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष यशवंत पुरोहित, संभागीय अध्यक्ष नितिन कुमार झा, महिला महासचिव सुमन मिश्रा, सांस्कृतिक सचिव प्रीति मिश्रा, मिथिलेश रिछारिया, बबीता मिश्रा, वीणा ठाकुर, वीणा मिश्रा, सुमन पाण्डेय, विद्या भट्ट, कल्पना मिश्रा, सुनीता शर्मा, कोषाध्यक्ष राघवेन्द्र पाठक, युवा सचिव रामबृत तिवारी, अभिषेक त्रिपाठी, रवि शर्मा उपस्थित रहे।
साथ ही उमेश शर्मा, रमाकांत दुबे, अभिलाषा दुबे, आभा शर्मा, रीता तिवारी, संगीता पुरोहित, कान्यकुब्ज से अरूण शुक्ला, आलोक तिवारी, नीता अवस्थी, मीनाक्षी बाजपेई, राधा तिवारी, गिरजाशंकर दीक्षित, रविन्द्र शुक्ला, श्रीकांत अवस्थी, जयशंकर तिवारी, सरयूपारिण से दशरथ शुक्ला, आल इंडिया ब्राह्मण से साधना शर्मा, पल्लवी झा, गणेशदत्त झा, डाॅ शोभना तिवारी, ब्रम्हभटृट से नितिन शर्मा, चरामेती से राजेन्द्र ओझा, गरियाबंद से गिरीश शर्मा, कवियत्री रश्मि मिश्रा, गोपा शर्मा, राजू महराज आदि उपस्थित रहे।
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