नवा रायपुर में खुला छत्तीसगढ़ का पहला अंतरिक्ष केंद्र, प्रदेश को मिली अंतरिक्ष विज्ञान में नई पहचान
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण ऐतिहासिक बन गया है। नवा रायपुर में राज्य के पहले अंतरिक्ष केंद्र के शुभारंभ के साथ ही छत्तीसगढ़ ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नई छलांग लगाई है। इस उपलब्धि को सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने वर्षों की सतत मेहनत और दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों को नया आकाश देने वाला मील का पत्थर साबित होगा।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह अंतरिक्ष केंद्र राज्य को भविष्य का स्पेस टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के छात्र और युवा वैज्ञानिक स्पेस रिसर्च, नवाचार, सिम्युलेशन और अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त करेंगे, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में इस सपने का साकार होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच, विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली नीतियों और देश के समग्र विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
अंतरिक्ष केंद्र नई पीढ़ी की उड़ान की शुरुआत
श्री अग्रवाल ने कहा कि यह अंतरिक्ष केंद्र नई पीढ़ी की उड़ान की शुरुआत है, जो छत्तीसगढ़ को अंतरिक्ष विज्ञान के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। अब राज्य के युवा भी इसरो, नासा सहित वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकेंगे और अनंत संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास रंग लाए
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2025 में आंध्र प्रदेश प्रवास के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र का भ्रमण किया था। वहीं से उन्हें छत्तीसगढ़ में भी ऐसी ही अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने की प्रेरणा मिली। इसके पश्चात 08 सितंबर 2025 को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में रायपुर में स्पेस लैब एवं सिम्युलेटर स्थापित करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के तहत यह विषय उठाकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम 18 नवंबर 2025 को सामने आया, जब अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने पत्र के माध्यम से रायपुर में सिम्युलेटर सहित अंतरिक्ष प्रयोगशाला की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। नवा रायपुर में अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना को प्रदेश के वैज्ञानिक, शैक्षणिक और तकनीकी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को विज्ञान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाएगा।
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