गरियाबंद ब्रेकिंग: आदिवासी बालक आश्रम में रतनजोत फल खाने से बच्चे बीमार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज):- गरियाबंद जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां आदिवासी बालक आश्रम में रतनजोत के जहरीले फल खाने से 8 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है। बच्चों को आनन-फानन में अस्तपाल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल बच्चों की हालत ठीक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को तहसील मुख्यालय मैनपुर से 18 किलोमीटर दूर वनांचल बडेगोबरा आदिवासी बालक आश्रम में विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों ने रतनजोत के जहरीले फल को खा लिया, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। आश्रम में ही उल्टी करने लगे। इसकी जानकारी लगते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने संजीवनी एक्सप्रेस 108 को फोन लगाया, लेकिन एम्बुलेंस दूसरे मरीज को जिला मुख्यालय ले जाने के कारण नहीं पहुंच पाई।
ग्रामीणों ने कड़ाके की ठंड में बच्चों को मोटर साइकिल पर बैठाकर घने जंगलों को पार कर रात 9 बजे मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया है। जहां डॉक्टरों ने बच्चों का उपचार किया है। रतनजोत जहरीले फल खाने के कारण दो छात्रों का हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी 8 छात्रों का इलाज मैनपुर अस्पताल में किया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैनपुर के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों का उपचार किया जा रहा है। गंभीर स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ी, तो जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
कलेक्टर ने बच्चों का जाना हाल-चाल
इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद गरियाबंद कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने बेहतर इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर बुधवार को अस्पताल में भर्ती बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में मौजूद डॉक्टरों से जानकारी ली एवं बच्चों के ध्यान रखने व बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए।
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