कामराज में अमात गोंड सगा समाज का वार्षिक अधिवेशन संपन्न, संस्कृति और आत्मनिर्भरता पर जोर

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा :- छुरा विकासखंड के शंकर नगर टोनहीडबरी सर्कल अंतर्गत ग्राम कामराज में 18 फरवरी 2026 को अमात गोंड सगा समाज का वार्षिक अधिवेशन पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें महिलाओं, युवतियों और वरिष्ठजनों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
इसके पश्चात प्राकृतिक शक्ति के प्रतीक पांच तत्व बड़ादेव का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूजन उपरांत समाज के पदाधिकारियों का पीले चावल से तिलक लगाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
परिचय सम्मेलन का आयोजन
अधिवेशन में 11 गांवों के अमात गोंड सगा समाज के प्रतिनिधियों और परिवारों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न गांवों से आए लोगों ने एक-दूसरे से परिचय स्थापित कर सामाजिक संबंधों को मजबूत किया। समाज की परंपरा, रीति-नीति और सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है, इसलिए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवक-युवतियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण गोंडी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं।
पारंपरिक नृत्य और गीतों की भव्य प्रस्तुति
समाज के युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों की भव्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में आदिवासी जीवनशैली, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन की झलक स्पष्ट दिखाई दी। उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले प्रतिभागियों को समाज प्रमुख द्वारा मंच पर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विगत वर्ष में कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कला और संस्कृति के क्षेत्र में समाज का नाम रोशन करने वाले कलाकारों को भी प्रशस्ति देकर सम्मान प्रदान किया गया। अधिवेशन के दौरान समाज के नव पदाधिकारियों का चुनाव भी संपन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सर्वसम्मति से संपन्न कर नई जिम्मेदारियों का वितरण किया गया।
सभा में यह भी चर्चा की गई कि वर्तमान समय में केवल नौकरी ही सफलता का एकमात्र माध्यम नहीं है। समाज के शिक्षित युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनने, विभिन्न कौशल सीखने और स्वरोजगार के माध्यम से आय अर्जित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कौशल विकास पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर ध्यान देकर युवा नौकरी से भी अधिक आय अर्जित कर सकते हैं और अपने परिवार व समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकते हैं। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ हुआ।
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