राजिम मे हो रहा भव्य हरिहरात्मक यज्ञ, वाराणसी से पहुचे 51 ब्राह्मण वैदिक पद्धति से कर रहे हवन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- श्री राजीव लोचन मंदिर परिसर से लगे भगवान जगन्नाथ मंदिर के पास 19 नवंबर से हरिहरात्मक यज्ञ का आयोजन हो रहा है । इस यज्ञ का आयोजन 27 नवंबर तक होगा । काशी वाराणसी से पधारे 51 ब्राह्मण शुद्धता एवं पवित्रता के साथ पूर्ण वैदिक पद्धति से इस यज्ञ का संचालन कर रहे है । इस हरिहरात्मक यज्ञ की ख्याति आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है। इस तरह का दिव्य आयोजन इस क्षेत्र में पहले कभी नहीं हुआ है। यज्ञ मे शामिल होने श्रद्धालुओं की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है।साथ ही प्रतिदिन अखंड भंडारे का भी आयोजन किया जाता है ।
द्वारकाधीश भगवान की प्रेरणा एवं दिग्दर्शन से हो रहा आयोजन – ब्रह्मचारी कौशलेंद्र
ब्रह्मचारी कौशलेंद्र ने छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से चर्चा करते हुए यज्ञ की समस्त जानकारी साझा करते हुए बताया कि द्वारकाधीश भगवान की प्रेरणा एवं दिग्दर्शन से श्री सुरभि सेवा समिति, पाटोदी जिला गुरुग्राम हरियाणा के ट्रस्टीगण इस आयोजन की समस्त व्यवस्था को सम्हाल रहे हैं। सन 1962 से इस आयोजन की शुरुआत ओंकारेश्वर से हुई जो आज तक अनवरत चल रही है। देश में कुल 52 तीर्थ 12 सहायक तीर्थ है ऐसे ही तीर्थों में इस यज्ञ का आयोजन किया जाता है । हमारे आराध्य को केंवट था कुंभकार बहुत प्रिय है उस समाज को आमंत्रित कर ससम्मान भोजन प्रसादी उनके द्वारा स्वयं करवाया जाता है।
चारों दिशाओं में होता है वेदों का पारायण
उन्होंने बताया कि पूर्व दिशा में ऋग्वेद, दक्षिण दिशा में यजुर्वेद, पश्चिम दिशा में सामवेद तथा उत्तर दिशा में अथर्ववेद का पारायण प्रातः 4 बजे से प्रारंभ हो जाता है। 18 नवंबर को जलयात्रा, पंचगव्य प्रासन और प्रायश्चित से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 19 नवंबर को सभी देवताओं का आह्वान, मंडप प्रवेश, पंचांग प्रवेश पश्चात स्थानीय वैदिक ब्राह्मण, तीर्थ पुरोहित, नगरवासी तथा क्षेत्रवासी ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण किया। 20 नवंबर को अरणी मंथन कर अग्नि प्रज्वलित कर आहुति प्रदान की गई। 27 नवंबर को पूर्णाहुति के साथ उक्त आयोजन का समापन होगा।
अक्षय नवमीं से श्रीमद भागवत महापुराण का पाठ काशी के मूर्धन्य विद्वान डॉ. बृजेश मणि त्रिपाठी द्वारा किया जा रहा है। यज्ञ स्थल की परिक्रमा हेतु पुरुष वर्ग धोती दुपट्टा या कुर्ता पायजामा पहनकर ही प्रवेश कर सकते हैं।
अखंड भंडारे का आयोजन
प्रतिदिन यज्ञ स्थल परिसर में ही सभी आम तथा खास श्रद्धालुओं के लिए अखंड शुद्ध भंडारे का आयोजन हो रहा है । जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।
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