करोड़ों की संपत्ति के लिए भाई-भतीजों ने कराई रिटायर्ड लेखापाल की हत्या, 10 लाख में दी सुपारी, 4 नाबालिग समेत 15 आरोपी गिरफ्तार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– संपत्ति के लालच में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां छोटे भाई और अन्य रिश्तेदारों ने सुपारी देकर अपने बड़े भाई की हत्या करवा दी। हत्या के पीछे करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति और 30 तोला सोना हड़पने की साजिश सामने आई है। इस पूरे षड्यंत्र में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, पूर्व कांग्रेस नेता समेत कुल 15 लोग शामिल पाए गए, जिनमें 4 नाबालिग भी हैं। मामला मुंगेली जिले के लालपुर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के रिटायर्ड लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत (62 वर्ष) 21 मार्च को अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं लौटे। अगले दिन उनकी मोटरसाइकिल ग्राम मनोहरपुर राइस मिल मार्ग के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद परिजनों ने लालपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग और एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

CCTV और त्रिनयन एप से खुला हत्याकांड

जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इसी दौरान एक स्लेटी रंग की हुंडई ईऑन कार क्रमांक सीजी 10 एसी 8986 दामोदर सिंह की बाइक का पीछा करते हुए नजर आई। त्रिनयन एप से रूट ट्रैक करने के बाद पुलिस कार मालिक तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि कार ग्राम झाफल निवासी संजय यादव ने किराए पर ली थी। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर संजय यादव ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

छोटे भाई ने रची मौत की साजिश

पुलिस के मुताबिक, मृतक के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत, साले पालेश्वर सिंह राजपूत और चचेरे भाई रामपाल सिंह राजपूत ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी। दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने दामोदर को यह यकीन दिलाया कि उसे अपने बेटे से जान का खतरा है।

इसके बाद आरोपियों ने फर्जी नोटरी और वचनपत्र तैयार कराया, जिसमें दर्शाया गया कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों के नाम करना चाहते हैं और बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वर्ष 2025 में भी दामोदर सिंह को सड़क हादसे के जरिए मारने की कोशिश की गई थी।

गमछे से घोंट दिया गला

21 मार्च को योजना के तहत रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव, प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग ने उनकी बाइक रुकवाई और गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कार में रखा गया। रास्ते में कार खराब होने पर एक अन्य वाहन मंगवाया गया और शव को कवर्धा जिले के पंडरिया थाना क्षेत्र के देवसरा जंगल में नदी किनारे ले जाकर गड्ढा खोदकर रेत में दफना दिया गया।

मोबाइल प्रयागराज भेजा

पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने दामोदर सिंह का मोबाइल प्रयागराज भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया। उनका मकसद यह दिखाना था कि दामोदर घर-परिवार छोड़कर कहीं चले गए हैं। लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

कार-बाइक, नकदी जब्त

पुलिस नेघटना में प्रयुक्त दो कार, बाइक, मोपेड और सुपारी की रकम में से 96 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/CssJEbwZ7dcDtsBkoxI04r

यह खबर भी जरुर पढ़े

अननेचुरल सेक्स के लिए मजबूर करता था पति, परेशान पत्नी ने मामा और सुपारी किलर्स से कटवाया पति का गला

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button