खाकी में हैवानियत! बेटे की रिहाई के बदले महिला से अश्लील कृत्य, प्राइवेट पार्ट किया चेक, आरक्षक बर्खास्त

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जिले में खाकी को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। बेटे को जेल से छुड़ाने की गुहार लेकर पहुंची एक मां के साथ आरक्षक ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। आरोपी आरक्षक ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया और उसका प्राइवेट पार्ट चेक किया। पीड़िता की शिकायत आरक्षक को एसएसपी ने तत्काल पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया। मामला दुर्ग जिले भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है।
बेटे को छुड़ाने का झांसा देकर किया शोषण
पीड़ित महिला ने भिलाई-3 थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद है। इसी का फायदा उठाकर आरक्षक अरविंद मेंढे ने उसे बेटे को जेल से बाहर निकालने में मदद करने का भरोसा दिया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, 18 नवंबर को आरोपी ने उसे चरोदा बस स्टैंड बुलाया, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई। महिला ने जब शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करते हुए पीरियड की बात कही, तो आरक्षक ने उसका प्राइवेट पार्ट चेक किया।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरक्षक ने ड्यूटी से लौटने के बाद पीड़िता को कई बार फोन किया और निजी वाहन से सुनसान इलाके में ले जाकर अनैतिक कृत्य किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के अनुसार, आरोपी ने 15 अक्टूबर से 18 नवंबर के बीच पीड़िता को 15 से अधिक बार कॉल किया था। घटना के समय दोनों की मोबाइल लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास पाई गई।
FIR के बाद फरार हुआ आरक्षक
महिला की शिकायत पर थाना भिलाई-3 में धारा 64(2)(a)(i) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। अपराध दर्ज होते ही आरक्षक अरविंद मेंढे फरार हो गया। उसे बयान के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह न तो थाने में उपस्थित हुआ और न ही अपने घर पर मिला। इस बीच उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी हाईकोर्ट से खारिज हो गई।
पहले निलंबन, अब बर्खास्तगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले आरोपी आरक्षक को निलंबित किया गया था। पुख्ता साक्ष्य और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने के आधार पर एसएसपी दुर्ग ने विभागीय जांच की प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए संविधान के प्रावधानों के तहत सीधे सेवा समाप्ति की कार्रवाई की। आदेश में कहा गया है कि आरक्षक ने विभागीय अनुशासन और आचरण नियमों का घोर उल्लंघन किया है।
प्रदर्शन और आक्रोश
घटना सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने भिलाई-3 थाने का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अब आरोपी आरक्षक की बर्खास्तगी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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