क्रिसमस की आड़ में नाबालिग से दरिंदगी, अपहरण कर दुष्कर्म और मतांतरण का खुलासा, पास्टर उसकी पत्नी समेत पति-पुत्र गिरफ्तार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नाबालिग के अपहरण, शारीरिक शोषण और मतांतरण का मामला सामने आई है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों में एक पास्टर और उसकी पत्नी भी शामिल हैं। आरोप है कि क्रिसमस कार्यक्रम के बहाने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाया गया। जांच में शोषण और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के तथ्य भी सामने आए। मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई शिकायत
जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर को पीड़िता की मां ने प्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 24 दिसंबर की शाम करीब पांच बजे उसके चारों बच्चे क्रिसमस पर्व मनाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति के घर गए थे। कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसके बाद बच्चे वहीं रुक गए। रात करीब तीन बजे जब वह अपनी नाबालिग बेटी को देखने जाने लगी तो पास्टर की पत्नी सुनीता ने यह कहकर रोक दिया कि वह खुद जाकर देख आएगी। इसके बाद सुबह तक बेटी घर नहीं लौटी।
25 दिसंबर की सुबह करीब नौ बजे पीड़िता की मां को राजेश कुमार विश्वकर्मा पिता खैरू का फोन आया, जिसमें उसने बालिका को अपने साथ ले जाने और रखने की बात कही। मां को संदेह हुआ कि उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगाया गया है। उसने आरोप लगाया कि इस कृत्य में राजकुमारी के साथ पास्टर रामखेलावन और उसकी पत्नी सुनीता की भी भूमिका है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि राजेश कुमार पूर्व में भी बालिकाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में राजपुर थाने में नामजद रह चुका है।
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर के निर्देशन और थाना प्रभारी अमित कौशिक के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान नाबालिग के अपहरण और शारीरिक शोषण के साथ-साथ पूरे परिवार को बरगलाकर मतांतरित किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ मतांतरण से संबंधित धाराएं भी प्रकरण में जोड़ीं।
पति-पुत्र और पति-पत्नी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका को राजपुर के धंधापुर क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर सखी सेंटर अंबिकापुर भेजा। वहीं राजेश कुमार, उसके पिता खैरू, पास्टर रामखेलावन और उसकी पत्नी सुनीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार इस मामले से जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश जारी है और शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।
झांसा देकर मतांतरण का खेल
जांच में यह भी सामने आया है कि पास्टर रामखेलावन बीते 15 वर्षों से शराब छुड़ाने, बीमारी ठीक करने जैसे प्रलोभन देकर भोले-भाले ग्रामीणों का मतांतरण कर रहा था। यह पहली बार है जब वह कानून के शिकंजे में आया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
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