नवापारा में बेलगाम अपराध पर, व्यापारियों का टूटा सब्र; पुलिस की सुस्ती पर भड़के व्यापारी, बैठक कर रखी ये मांग

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा शहर में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और करोड़ों की चोरियों ने व्यापारियों और आम नागरिकों की नींद उड़ा दी है। लोगों का कहना है कि नगर में चोर खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं, पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता से पूरा इलाका दहशत के साये में जीने को मजबूर है। व्यापारियों का कहना है कि मेहनत की कमाई लुटती जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है।
बेसमेंट से घुसकर करोड़ों की चोरी
बता दें कि बीते दिनों नगर के प्रतिष्ठित उत्तमचंद संतोष वस्त्रालय और कमलेश ज्वेलर्स में चोरों ने बेसमेंट के रास्ते सेंध लगाकर करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और लाखों की नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इसके अलावा नगर के विभिन्न वार्डों में लाखों की चोरी, सीमावर्ती इलाकों में किसानों के धान, सबमर्सिबल पंप केबल वायर की चोरी ने हालात और भयावह बना दिए हैं।
9 नकाबपोशों की रेकी, CCTV में कैद
सबसे चौंकाने वाला मामला सदर रोड का है, जहां 9 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों की रेकी का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ। व्यापारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उस गिरोह का कोई सुराग नहीं लगा सकी। वहीं, 13 जनवरी की रात हुई करोड़ों की चोरी के दो दिन बाद भी चोर फरार हैं और अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसे लेकर लोगों में ज्यादा रोष दिख रहा।
संयुक्त बैठक में फूटा व्यापारियों का गुस्सा

लगातार हो रही घटनाओं से व्यापारियों और नगरवासियों का गुस्सा फुट पड़ा। बुधवार को सराफा एसोसिएशन और चैंबर ऑफ कॉमर्स की संयुक्त बैठक में सैकड़ों व्यापारी, दुकानदार और नागरिक शामिल हुए। बैठक में पूर्व विधायक धनेंद्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती ओम कुमारी साहू, पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज मध्यानी सहित पार्षद और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। दिनेश गोलछा द्वारा इस बैठक का संचालन किया गया।
बैठक में व्यापारियों और नागरिकों ने स्वयं अपनी सुरक्षा हेतु कुछ प्रस्ताव भी रखे जैसे शहर के मुख्य चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे तत्काल लगाए जाएं। प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स की व्यवस्था हो। नकाबपोश गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए जैसे अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके बाद बैठक में व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल से अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में टेक्निकल टीम, साइबर टीम उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच कर रहे है। अन्य जिलों से भी संपर्क किया जा रहा। ASP स्वयं जांच को मानिटरिंग कर रहे है।
बैठक में रखी मांग

व्यापारियों की ओर से समय मांगने पर इसके लिए कोई ठोस समय सीमा का आश्वासन नहीं दिया गया, जिससे व्यापारियों का गुस्सा और भड़क उठा। साथ ही पुराना वीडियो जारी होने के बाद भी कोई कार्यवाही नही होने पर भी नाराजगी जताई। व्यापारियों ने दो टूक कहा कि बार-बार चोरी हो रही है, हमारी मेहनत की कमाई चोर ले जा रहे हैं और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। क्या हमारी सुरक्षा की कोई प्राथमिकता नहीं?
उन्होंने पुलिस से मांग करते हुए कहा कि पुलिसिंग तगड़ी की जाए, नशा खोरी पर कड़ी कार्रवाही होनी चाहिए। पुलिस द्वारा रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और चोरों पर सख्त कार्रवाई हो।
प्रदेश स्तर पर मचा असर
नवापारा शहर सहित रायपुर एवं अन्य जगहों पर हुई लूटकांड का असर अब प्रदेश स्तर पर भी दिखने लगा है। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने आपात बैठक कर बड़ा फैसला लिया है। अब किसी भी ज्वेलरी दुकान में बुर्का, नकाब, हेलमेट या चेहरा ढंककर आने वाले ग्राहकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि इससे संदिग्धों की पहचान आसान होगी। साथ ही सरकार से सराफा व्यापारियों को पर्याप्त सुरक्षा कवर देने की मांग की गई है।
पुलिस पर संरक्षण का आरोप

पूर्व विधायक धनेंद्र साहू ने पुलिस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अपराध इतने बढ़ गए हैं कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों की संपत्ति चोरी हो गई। यह पूरी तरह पुलिस की विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है, तभी ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी और नागरिक मंत्री और उच्च अधिकारियों तक बात लेकर जाएंगे और आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
प्रशासन पर उठाए सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बाद स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब नकाबपोश गिरोह खुलेआम रेकी कर रहे हैं और करोड़ों की लूट हो रही है, तो आखिर शासन-प्रशासन की नींद कब टूटेगी? क्या व्यापारियों और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सिर्फ चुनावी वादों तक ही सीमित रह गई है? नगरवासियों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच चुका है। यदि पुलिस और प्रशासन द्वारा तत्काल सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आक्रोश जल्द ही बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
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