सगाई में जा रही बस खाई में पलटी, 10 लोगों की मौत, 78 घायल, खुशियां मातम में बदलीं

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– सगाई कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी बस अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 78 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं, सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसा छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से सटे झारखंड के लातेहार जिले से महुआडांड़ थाना क्षेत्र का है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के पिपरसोत महाराजगंज, झपरा और बुद्धीडीह गांवों से करीब 90 ग्रामीण ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की किराए की बस से झारखंड के महुआडांड़ अंतर्गत लोधफाल गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे। रविवार दोपहर ओरसा घाट की ढलान पर उतरते समय बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया। तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी की रोड सेफ्टी रेलिंग तोड़ते हुए पहले एक पेड़ से टकराई और फिर सड़क से नीचे पलट गई।
मौके पर मची चीख-पुकार
हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस के अंदर सीटों और लोहे के ढांचे के बीच फंस गए, जबकि कुछ उछलकर सड़क किनारे जा गिरे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। महुआडांड़ और सामरी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
10 लोगों की मौत
हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद इलाज के दौरान लातेहार, गुमला और रांची के अस्पतालों में 5 अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई। घायलों में से 19 की हालत गंभीर बताई जा रही है। करीब 32 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुमला और रांची अस्पताल में रेफर किया गया है। मृतकों में रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40), विजय भुइयां सहित अन्य शामिल हैं।
ढलान अधिक होने के कारण बस हुई बेकाबू
बस चालक विकास पाठक के अनुसार घाटी में उतरते समय अचानक ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। स्थिति संभालने के लिए हैंड ब्रेक और इंजन बंद करने की कोशिश की गई, लेकिन ढलान अधिक होने के कारण बस बेकाबू हो गई और हादसा हो गया।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए। कृषि मंत्री व क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम ने भी शोक व्यक्त किया।
गांवों में मातम
हादसे की खबर मिलते ही बलरामपुर जिले के पिपरसोत सहित अन्य गांवों में मातम पसर गया। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल और अस्पतालों की ओर रवाना हो गए। मृतकों के शवों को सोमवार को बलरामपुर लाने की व्यवस्था की जा रही है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।
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