राजिम कुंभ कल्प में नागा साधुओं की भव्य पेशवाई, भस्म रमाए संतों ने किया शस्त्र प्रदर्शन

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा धर्म नगरी राजिम, श्रद्धा और रोमांच का हुआ अद्भुत संगम

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– राजिम कुंभ कल्प मेला के दौरान धर्म नगरी राजिम में नागा साधुओं ने भव्य पेशवाई निकाली, जो सनातन परंपरा का साक्षी बना। नागा साधुओं द्वारा भस्म रमाएं, जटा लहराते और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र धारण किए इस जुलुस ने पूरे नगर को हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान कर दिया।

शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद नागा साधुओं की टोली लोमष ऋषि आश्रम से रवाना होकर राजिम स्थित भगवान दत्तात्रेय मंदिर पहुंची। बैंड-बाजा, डमरू, नगाड़ा और शंखनाद की गूंज के बीच नागा संतों ने अपनी उपस्थिति से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पेशवाई के दौरान नागा साधु विभिन्न स्थानों पर अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करते हुए पारंपरिक करतब दिखाते नजर आए, जिसे देख श्रद्धालु रोमांचित हो उठे।

दत्तात्रेय मंदिर पहुंचकर नागा साधु-संतों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना, हवन एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। इसके पश्चात आराध्य देव भगवान दत्तात्रेय को भोग अर्पित कर प्रसादी ग्रहण की गई। मंदिर परिसर में नागा साधुओं द्वारा शस्त्र प्रदर्शन किया गया, जो सनातन धर्म की रक्षा और तपस्वी परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

श्रद्धालुओं ने की पुष्प वर्षा

अनुष्ठान पश्चात भगवान दत्तात्रेय को भव्य पालकी में विराजित कर पेशवाई यात्रा का शुभारंभ किया गया। यह पेशवाई दत्तात्रेय मंदिर से निकलकर सुंदरलाल शर्मा चौक, वीआईपी मार्ग, राजीव लोचन-कुलेश्वर मार्ग से होते हुए संत समागम परिसर स्थित नागा संतों के पंडाल तक पहुंची। वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान दत्तात्रेय को स्थापित किया गया। पूरी पेशवाई यात्रा के दौरान नगरवासियों एवं मेला क्षेत्र में आए श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर नागा संतों का स्वागत किया। सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

राजिम नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने और नागा साधुओं का आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया। नागा साधुओं की यह पेशवाई राजिम कुंभ कल्प की आध्यात्मिक गरिमा, सनातन परंपरा और अखाड़ा संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती नजर आई, जिसने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और विश्वास को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।

विधायक रोहित ने किया स्वागत

नागा साधुओं की पेशवाई का विधायक रोहित साहू ने आत्मीय स्वागत किया। पेशवाई के मेला क्षेत्र में प्रवेश करते ही विधायक साहू ने नागा साधुओं का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नागा साधु सनातन संस्कृति, तपस्या और त्याग के प्रतीक हैं तथा उनकी उपस्थिति से राजिम कुंभ कल्प की आध्यात्मिक गरिमा और भी बढ़ गई है।

पेशवाई यात्रा में जूना अखाड़ा के अध्यक्ष महंत उमेशानंद गिरी, गोपाल गिरी महाराज, दिगम्बर संतोष गिरी महाराज, गोकुलगिरी महाराज, सिद्धेश्वरी पुरी महाराज, पद्मनीपुरी महाराज , राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, मेला आयोजन समिति के सदस्य प्रतापचंद पारख, राजिम तहसीलदार मयंक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत शामिल हुए। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से राजिम थाना प्रभारी अमृत लाल साहू पुलिस टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए थे, ताकि किसी प्रकार का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।

साधु के लिए जितना माला जरूरी, उतना ही भाला – गणेशानंद गिरी

मध्यप्रदेश मंडल के संतश्री महंत स्वामी गणेशानंद गिरी महाराज ने बताया कि राजिम कुंभ कल्प में सात अखाड़े से करीब 200 साधु संत पहुंचे हुए हैं। इनमें से पंचदशनाम जूना अखाड़ा, पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, पंचदशनाम अग्नि अखाड़ा, पंचदशनाम महानिर्वाणी अखाड़ा, पंचदशनाम निरंजनी अखाड़ा, पंचदशनाम अटल अखाड़ा, पंचदशनाम आनंद अखाड़ा हैं। सभी अखाड़ा के अलग-अलग देवी देवता होते हैं जो पूजनीय है। उन्होंने बताया कि साधु के लिए जितना माला जरूरी है उतना ही भाला भी है। जो धर्म विरुद्ध काम करेंगे हम शस्त्र और शास्त्र दोनों तरह से समझाएंगे।

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