संतों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ पुनः पाएगा प्राचीन वैभव, प्रेरणादायी राज्य बनेगा – उपमुख्यमंत्री अरुण साव

सनातन की शक्ति से संवर रहा छत्तीसगढ़, संतों के सान्निध्य में लौटेगा स्वर्णिम वैभव

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– राजिम कुंभ कल्प मेला के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित विराट संत समागम का शुभारंभ भगवान श्री राजीव लोचन की विधिवत पूजा-अर्चना एवं संतों के पादुका पूजन के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने संत समागम को संबोधित करते हुए कहा कि “जब कोई राज्य धर्म और आध्यात्म की दिशा में आगे बढ़ता है, तो वह कल्याणकारी बनता है। इसी पथ पर छत्तीसगढ़ निरंतर अग्रसर है। यही कारण है कि आज दुनिया कहती है छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया।”

उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म का ध्वज लहरा रहा है और संतों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ अपने पुराने वैभव को पुनः प्राप्त कर एक प्रेरणादायी राज्य के रूप में उभरेगा। प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा निरंतर बढ़ रही है।

संतों के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में राजिम कुंभ मेला की ऐतिहासिक शुरुआत हुई थी। बाद में विपरीत विचारधारा के सत्ता में आने के कारण यह आयोजन कुछ समय के लिए विराम लग गया, लेकिन साधु-संतों के आशीर्वाद से प्रदेश में पुनः विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनी और उसी के साथ राजिम कुंभ कल्प का भव्य पुनरारंभ संभव हो सका।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सनातन संस्कृति की भूमि है, जहां कण-कण में शंकर का वास है और हर स्थान एक पवित्र धार्मिक स्थल के रूप में प्रतिष्ठित है। साधु-संतों के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद ही राजिम कुंभ कल्प की आत्मा है और इस आयोजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनकी भूमिका सर्वाेपरि है।

कार्यक्रम में राजिम विधायक श्री रोहित साहू ने कहा कि राजिम वही पावन धरती है, जहां सोंढूर, पैरी और महानदी नदियों का संगम भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को जीवंत बनाए हुए है। यह सनातन परंपरा का प्रतीक स्थल है। नदी के मध्य विराजमान कुलेश्वरनाथ महादेव और भगवान श्री राजीव लोचन के दर्शन मात्र से मन को शांति और नई ऊर्जा की अनुभूति होती है।

उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण का महापर्व है, जो समाज को सेवा, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेशों से जोड़ता है। विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राजिम कुंभ को ‘कुंभ कल्प मेला’ का दर्जा देना एक अनुकरणीय पहल है।

छत्तीसगढ़ सरकार राजऋषि की भूमिका निभा रही

महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि यह मंच राजऋषि और ब्रह्मऋषि के पावन मिलन का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि विद्वान संत ब्रह्मऋषि के रूप में मार्गदर्शन करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ब्रह्मऋषियों का आशीर्वाद लेकर राजऋषि की भूमिका निभा रही है, इसके लिए सरकार साधुवाद की पात्र है।

महाराज जी ने कहा कि वे पिछले 12 वर्षों से निरंतर राजिम कुंभ में आ रहे हैं और यह अनुभव करते हैं कि यह आयोजन केवल एक मेला नहीं, बल्कि पुण्य, भक्ति और ज्ञान का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि आसुरी वृत्ति देवताओं की प्रसन्नता का माध्यम नहीं बन सकती, जबकि राजिम कुंभ जैसे आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना और पुण्य की प्राप्ति होती है।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है, शेष सब विचार धाराएं हैं। सनातन धर्म की जीवंत झलक इस पूरे मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संप्रदायों ने अपने-अपने मजहब बनाए हैं, लेकिन सनातन परंपरा सबको समाहित करती है। महामंडलेश्वर ने कहा कि यदि राजिम कुंभ कल्प मेले को सतत और स्थायी रूप से आगे बढ़ाना है, तो धार्मिक विचारधारा के साथ दृढ़ता से जुड़े रहना होगा। सनातन धर्म के अनुष्ठानों से भगवान श्रीराम प्रसन्न होते हैं और इसी भाव के साथ इस महापर्व को स्थायित्व देने के लिए निरंतर प्रयास किया जाना चाहिए।

राजिम कुंभ कोई कार्यक्रम नहीं, महामहोत्सव है

इस अवसर पर उपस्थित राजीव लोचन महाराज ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प कोई साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की आन-बान-शान का महामहोत्सव है। हर वर्ष संतों का यहां आगमन इस आयोजन को विशेष बनाता है। छत्तीसगढ़ की जनता धर्म और संस्कृति को सर्वाेच्च स्थान देती है। उन्होंने “राम नाम सांचा, राम हमर भांचा” जैसे नारों के माध्यम से सनातन चेतना का संदेश दिया तथा कुंभ पर्व की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे, गरियांबद कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, गरियाबंद जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, राजिम नगर पालिका के अध्यक्ष महेश यादव, नवापारा नगर पालिका अध्यक्षा ओमकुमारी साहू, जिला पंचायत सदस्य इंद्रजीत महाडिक, शिवांगी चतुर्वेदी, नंदनी साहू, रिखीराम, राजेंद्र सूर्यवंशी, रूपनारायण साहू, संस्कृति विभाग के उप संचालक प्रताप चंद पारख सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पतंजल मिश्रा, सृष्टि मिश्रा ने किया

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