नर्सरी के बच्चे को पेड़ से लटकाया, हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन सख्त, स्कूल की मान्यता रद्द, संचालक पर FIR

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– प्राइवेट स्कूल में होमवर्क न करने के लिए शिक्षिका ने बच्चे को नंगा करके रस्सी से बांधकर पेड़ पर लटका दिया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है, जबकि संचालक पर FIR दर्ज किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि जिस टीचर ने बच्चे को सजा दी, वह खुद नाबालिग है। मामला सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के नारायणपुर गांव का है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, 24 नवंबर को होमवर्क नहीं करने पर केजी-2 छात्र को टीचर ने क्लास से बाहर निकाला, उसके कपड़े उतारे और रस्सी से बांधकर स्कूल परिसर के अंदर लगे एक पेड़ पर लटका दिया। बच्चा घंटों इसी हालत में रहा। एक ग्रामीण ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जिसके बाद हंगामा मच गया। बच्चे के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और जमकर बवाल किया।
उनका कहना है कि यह घटना क्रूरता की हद है और ऐसे शिक्षकों को किसी भी बच्चे के पास रहने का अधिकार नहीं है। परिजनों ने स्कूल बंद करने और शिक्षिकाओं पर कार्रवाई की मांग की। घटना की जानकारी मिलते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, क्लस्टर इंचार्ज और पुलिस टीम स्कूल पहुंची। दोनों शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए गए और वीडियो के आधार पर जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
घटना पर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और स्कूल शिक्षा सचिव से शपथपत्र सहित जवाब मांगा। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज की।
स्कूल संचालक पर FIR, मान्यता रद्द
बताया जा रहा है कि जिस शिक्षिका ने बच्चे को सजा दी, वह खुद नाबालिग है। अंकसूची के अनुसार टीचर की जन्मतिथि 02 दिसंबर 2007 है। यानी वह 02 दिसंबर 2025 को 18 वर्ष की होगी। इसके बावजूद स्कूल ने उसे टीचर के रूप में नियुक्त कर रखा था। जांच में नियम उल्लंघन और लापरवाही पाए जाने पर हंसवानी विद्या मंदिर स्कूल संचालक सुभाष शिवहरे के खिलाफ धारा 127(2) और जेजे एक्ट की धारा 75, 82 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई। मामले में सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने डीपीआई के निर्देश पर स्कूल की मान्यता रद्द कर दी।
60 से अधिक छात्रों को दूसरे स्कूल में भेजा जाएगा
बताया जा रहा है कि स्कूल में केजी-1 से 8वीं तक 60 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। सभी को अब दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। इधर अभिभावकों ने विधायक भूलन सिंह मरावी से स्कूल चालू रखने की मांग की, लेकिन कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि मान्यता रद्द हो चुकी है।
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