नवापारा ब्रेकिंग: डीसीबी बैंक के पूर्व मैनेजर पर 29 लाख की हेराफेरी का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
फर्जी लोन, पॉलिसी में छेड़छाड़ और बिना अनुमति निकासी का मामला

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां डीसीबी बैंक के पूर्व मैनेजर एवं अन्य सहयोगियों पर 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार डीसीबी बैंक की कुर्रा शाखा के तत्कालीन मैनेजर उत्कर्ष वर्मा एवं अन्य सहयोगियों पर 29 लाख रुपये की अमानत में खयानत और कूटरचना कर धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में थाना गोबरा नवापारा में लिखित शिकायत दी गई है।
नवापारा के कसेरपारा निवासी प्रार्थी ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि वर्ष 2019-20 में पैतृक संपत्ति बेचकर लगभग 2 करोड़ रुपये डीसीबी बैंक शाखा कुर्रा में जमा किए थे। बाद में उक्त राशि परिवार के सदस्यों चारों पुत्रों, माता एवं बहुओं के नाम पर अलग-अलग खातों और एक संयुक्त खाते में स्थानांतरित की गई।
फर्जी पॉलिसी और लोन का खेल
आरोप है कि बैंक प्रबंधन द्वारा 20 जुलाई 2020 को आदित्य बिरला लाइफ इंस्योरेंस के नाम से बीमा पॉलिसियां खोली गईं, जिनमें कुल 3.82 लाख रुपये प्रीमियम जमा हुआ। इसके बाद बिना अनुमति 36 अतिरिक्त पॉलिसियां और जारी कर दी गईं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन निकाले गए।
बताया गया है कि अलग-अलग खातों से करीब 16.30 लाख रुपये की निकासी की गई। जब राकेश कंसारी लोन के लिए बैंक पहुंचे, तब लेन-देन में गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
आंशिक वापसी, फिर भी 29 लाख की हेराफेरी का दावा
शिकायत के मुताबिक, मामले की जानकारी उजागर होने के बाद तत्कालीन मैनेजर उत्कर्ष वर्मा ने 10.30 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लौटाए तथा 4 लाख रुपये नकद दिए। इसके बावजूद 29 लाख रुपये की अमानत में खयानत का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि बाद में राकेश कंसारी की माता के नाम ओवरड्राफ्ट खाता खोलकर 27 लाख रुपये की और हेराफेरी की गई। बिना हस्ताक्षर और अनुमति के लूज चेक के माध्यम से राशि निकालने का भी आरोप है।
थाने में शिकायत, जांच की मांग
प्रार्थी ने 28 फरवरी 2026 को थाना गोबरा नवापारा में आवेदन देकर तत्कालीन बैंक मैनेजर उत्कर्ष वर्मा एवं अन्य सहयोगियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल ने बताया कि प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी उत्कर्ष वर्मा एवं उसके साथियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य और आरोप सही पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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