राजिम पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’; 7 जिला बदर, 653 पर कार्रवाई, पुलिस की सख्ती से अपराधियों में खौफ
2025 में गुंडे-बदमाशों पर कसा शिकंजा, नशा, अपराध और अवैध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– वर्ष 2025 राजिम पुलिस के लिए अपराध नियंत्रण की दृष्टि से एक निर्णायक और उल्लेखनीय वर्ष साबित हुआ। पूरे साल सुनियोजित रणनीति और सख्त कार्रवाई के चलते गुंडे-बदमाशों, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा। इन प्रयासों का असर यह रहा कि जहां अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई, वहीं आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत हुई।
राजिम थाना क्षेत्र सहित ग्रामीण अंचलों में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए। हत्या के प्रयास, मारपीट, लूट, चोरी, नकबजनी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, अवैध शराब बिक्री और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में दर्जनों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कई कुख्यात अपराधियों पर गुंडा बदमाश अधिनियम, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। इसी के साथ आदतन अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
7 बदमाश जिला बदर, 653 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
थाना प्रभारी टीआई अमृत लाल साहू ने बताया कि वर्ष 2025 में थाना क्षेत्र के 7 बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई, जबकि 653 बदमाश प्रवृत्ति के लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। इसी दौरान हत्या और हत्या के प्रयास के 12 प्रकरण, साइबर धोखाधड़ी के 5 मामले, महिलाओं व बच्चों के खिलाफ छेड़छाड़, बलात्कार और यौन उत्पीड़न के 14 मामले दर्ज किए गए। नाबालिगों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
लापता लोगों की बरामदगी में बड़ी सफलता
तकनीकी संसाधनों, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस ने 69 लापता युवक-युवतियों, महिलाओं और बच्चों को विभिन्न जिलों व राज्यों से बरामद कर सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया।
नशा, शराब और अवैध हथियारों पर प्रहार
नारकोटिक्स के 9, नशीली दवाओं का 1 और अवैध शराब के 153 मामलों में कार्रवाई की गई। अवैध हथियार लेकर लोगों को डराने वाले 7 बदमाशों को जेल भेजा गया। चोरी-लूट के 9 मामलों में करीब 3.13 लाख रुपये के सोना-चांदी और 5 लाख रुपये की कार बरामद की गई। 8 बदमाशों को निगरानी सूची में शामिल किया गया है, जिस पर निरंतर निगाह रखी जा रही है।
यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा पर जोर
शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर 62 प्रकरण दर्ज कर 6.20 लाख रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। यातायात नियम उल्लंघन करने वालो के खिलाफ 688 मामले दर्ज किए गए। 375 मामले में 1 लाख 22 हजार 300 रूपए शासकीय कोष में जमा किया गया। 313 मामले न्यायालय में पेश किया गया।
टीआई अमृत लाल साहू ने कहा कि लगातार गश्त, सघन चेकिंग और जनसहयोग से अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। कुछ आदतन अपराधियों को जिला बदर कर क्षेत्र से बाहर किया गया, जिससे अपराधियों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार हुआ। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। राजिम पुलिस का स्पष्ट संदेश है कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं, सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
क्षेत्र के अपराधियों में भय का माहौल
सकारात्मक असर लगातार की गई इन कार्रवाइयों का असर साफ नजर आ रहा है। अपराधियों में भय का माहौल है, वहीं आम नागरिक स्वयं को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजिम पुलिस की यह सख्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक निर्णायक और उल्लेखनीय वर्ष साबित हुआ।
जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से राजिम पुलिस ने पूरे वर्ष सुनियोजित रणनीति के तहत गुंडे-बदमाशों, आदतन अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप अपराध दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।
छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/Ihl8c6n3whwBoOjrVkYYRS












