दिलीप षड़ंगी के जसगीतों पर जमकर झूमे दर्शक, राजिम कुंभ में छाया लोककला का रंग
पंडवानी से जसगीत तक, राजिम कुंभ के मंच पर बिखर रही छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की भव्य छटा

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– राजिम कुंभ कल्प मेला के नवमें दिन सांस्कृतिक मंच पर लोकसंगीत की शानदार छटा बिखरी। सुप्रसिद्ध लोकगायक दिलीप षड़ंगी ने जसगीत एवं छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी सुमधुर आवाज और ऊर्जा से भरपूर गायन पर श्रोता झूम उठे। भक्ति, संस्कृति और लोक परंपरा से ओत-प्रोत इस प्रस्तुति ने मेले की सांस्कृतिक गरिमा को और भव्यता प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत बिलासपुर से पधारी विशाखा साहू ने पंडवानी शैली में अभिमन्यु विवाह की सशक्त प्रस्तुति से की। उनकी चिर-परिचित आवाज़ और कथात्मक शैली पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और तालियों से उनका स्वागत किया। द्वितीय प्रस्तुति में 18 वर्षीय गीतिका चक्रधर ने नटराज शैली में रिकॉर्डिंग कथक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी प्रत्येक मुद्रा भगवान शिव को समर्पित थी। उनके तांडव रूप ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम की कड़ी में रायपुर के डिपरापारा से छत्तीसगढ़ मोर भारत अंजोर लोकमंच के ईश्वर देवांगन एवं उनकी टीम ने धार्मिक और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी। जय हो गजानंद गौरी के ललना, नवदुर्गा तैं कहा जैसे गीतों के बाद आमा पान के पतरी, कोई नरियल मांगत हे जैसे जसगीतों पर दर्शक झूम उठे। नाचा, गम्मत और सुवा नृत्य की प्रस्तुतियों ने लोककला मंच को जीवंत कर दिया।

राजिम की बालिका शिखा गोस्वामी ने महाभारत के वृतांत पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। प्रस्तुति के माध्यम से यह भाव उभरा कि अब नारी की रक्षा स्वयं नारी को करनी होगी, जिसे दर्शकों ने तालियों से समर्थन दिया।
जसगीतों पर जमकर झूमे दर्शक

मुख्य मंच अंतिम प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध जसगीत गायक दिलीप षडंगी की प्रस्तुति रही। गणेश वंदना से आरंभ कार्यक्रम में उन्होंने हम उस देश के वासी हैं…, ज्योत से ज्योत जलाते चलो जैसे गीत गाकर दर्शकों का अभिनंदन किया। इसके बाद मंच पर पारंपरिक जसगीत घर-घर दियना हो मैया, चेंदवा बईगा, जप हर-हर भोला सहित कई लोकप्रिय गीतों से माहौल भक्तिमय बना दिया। गौ हत्या पर आधारित नया छत्तीसगढ़ी गीत गोविंदा गोपाला गौ हत्या पर रोक लगा दे सुनकर दर्शकों को जागृत करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों का सम्मान राजिम विधायक रोहित साहू, कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, एसडीएम राजिम, राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित मुन्नालाल देवदास, तहसीलदार राजिम मयंक अग्रवाल एवं पीआरओ हेमनाथ सिदार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। मंच संचालन निरंजन साहू, दुर्गेश तिवारी, किशोर निर्मलकर एवं मनोज ने किया।
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