सेवानिवृत्ति के बाद भी नहीं थमे हौसले, ग्राम चम्पाझर की अनिता गोस्वामी ने मछली पालन से रची सफलता की कहानी

अच्छी आय अर्जित करने के साथ स्थानीय लोगों को दे रहीं रोजगार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– सपनों की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चम्पाझर (चम्पारण) की अनिता गोस्वामी ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेकर उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन का नया मार्ग भी प्रशस्त किया है।

श्रीमती गोस्वामी बताती हैं कि वे पूर्व में शिक्षिका थीं तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात अपना खुद का बिज़नेस प्रारम्भ करने के उद्देश्य से अपना स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्होंने फिन फिश हेचरी के माध्यम से मछली पालन कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना पर कुल 25 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें से शासन द्वारा 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया, जबकि 10 लाख रुपये की राशि उन्होंने स्वयं निवेश की। प्रारंभ में उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में यह कार्य शुरू किया था, जो आज बढ़कर सात हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।

3 लाख की अतिरिक्त आमदनी

श्रीमती गोस्वामी के इस प्रयास से इस वर्ष उन्होंने 10 लाख रुपए के बीज की बिक्री आसपास के क्षेत्र में की है साथ ही वर्तमान में 10 से 12 स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया प्रतिवर्ष 5 करोड़ स्पॉन एवं 1 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई फिश बीज का उत्पादन होता है। साथ ही योजना का लाभ लेकर 5000 देसी मांगुर का भी पालन भी कर रहें हैं जिससे उन्हें 3 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।

अनिता का यह प्रयास न केवल महिला उद्यमिता को सशक्त बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार सृजन के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

श्रीमती गोस्वामी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो हर चुनौती अवसर में बदल सकती है।

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