राम वन गमन पथ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, मेलार्थियों को लुभा रहा पौराणिक दृश्य

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 के नवीन मेला मैदान में महोत्सव मंच के दाईं ओर निर्मित राम वन गमन पथ की भव्य झांकी श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। झांकी में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं माता सीता की सजीव प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग स्वतः ही खिंचे चले आ रहे हैं। झांकी स्थल पर बड़ी संख्या में लोग रुककर दर्शन कर रहे हैं और फोटो खिंचवा रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र एक तरह से अघोषित सेल्फी जोन का रूप ले चुका है।
झांकी में भगवान श्रीराम के वनवास काल का दृश्य अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उल्लेखनीय है कि भगवान श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ की धरती पर व्यतीत किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कोरिया जिले के सीतामढ़ी हर चौका से प्रवेश कर कोंटा के रामाराम तक फैले दंडकारण्य क्षेत्र से होकर भगवान राम गुजरे थे और लगभग बारह वर्षों तक इस क्षेत्र में निवास किया। लगभग 1400 किलोमीटर की इस ऐतिहासिक यात्रा को झांकी के माध्यम से सजीव रूप में दर्शाया गया है।

झांकी के चारों कोनों में भगवान राम के चरणकमलों के छायाचित्र विभिन्न स्थलों पर प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें रामगढ़ की पहाड़ियां, शिवरीनारायण, चंद्रखुरी, राजिम, धमतरी और सुकमा जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। झांकी के पीछे भगवान शिवशंकर की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसके समक्ष भव्य आकार में नंदी महाराज पालकी मुद्रा में विराजमान हैं, जो दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
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