जतमई-घटारानी जलप्रपात में दिखने लगी सुंदरता, पर्यटकों को कर रही आकर्षित, देखिए वीडियो

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- मानसून के मौसम में ज्यादातर लोग ऐसे पहाड़ी जगहों पर जाना ज्यादा पसंद करते है जहां कल- कल करते झरने सुकून के पल देते है। ऐसे में मानसून लगते ही गरियाबंद जिले के जलप्रपात बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे है। जिस पल का इंतजार हर पर्यटक पूरे साल करता है। मानसून के दौरान जलप्रपातों का नजारा अलौकिक होता है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाती है।
जलप्रपात पर्यटकों को करती है आकर्षित
वैसे तो प्रदेश में प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है। पर्यटन की दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक स्थानों को पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हांकित किया गया है। इन्हीं पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों में से गरियाबंद जिले के सुप्रसिद्ध जतमई-घटारानी और झरझरा जलप्रपात पर्यटकों को सबसे ज्यादा अधिक आकर्षित करती है। ये झरना छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 85 कि.मी. दूर स्थित है। यह तीनों जगह एक दूसरे से लगभग 10 किमी की दूरी पर स्थित है और चारों तरफ पहाड़ो से घिरा हुआ है। वहीं गरियाबंद राजिम रोड पर स्थित चिंगरा पगार जलप्रपात में भी झरना प्रारंभ हो गया है।

बारिश के बाद दिखने लगी झरने की सुंदरता
बता दें कि शुक्रवार शाम से हो रही बारिश के कारण गरियाबंद जिले के नदी-नाले ऊफान पर है। वहीं जलप्रपात में भी पानी बढ़ने से इसकी सुंदरता बढ़ गई है। घटारानी, झरझरा और जतमई वॉटरफॉल का मनोरम दृश्य अत्यंत मनोहारी और लुभावना हो गया है। बरसात के इस सीजन में यहां के प्राकृतिक झरने बरबस अपनी ओर खींचती है। इस झरने में नहाने और उछल कूद करने का अपना अलग ही तरह का मजा है।

यहां पहाड़ के बीच जंगल की हरियाली काफी सुकुन प्रदान करती है। एक तरह से यहां पहुंचने वाली भीड़ को अपने परिवार, दोस्तों के साथ भरपूर आनंद मिलता है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक और श्रद्धालु माता के दर्शन करने के पश्चात झरने का आनंद लेते हैं। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण यहां अच्छी भीड़ नजर आई।
ऐसे पहुंचे जलप्रपात
यह स्थान सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। यहां तक पहुंचने के लिए बसें और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। यह स्थान गरियाबंद जिले में रायपुर से 85 किमी दूर स्थित है। कार द्वारा लगभग 2-3 घंटे का समय लगता है। जतमई जाने के लिए गरियाबंद रोड पर राजिम से 20 किमी दूर पाण्डुका ग्राम पड़ता है। यहां से रजनकटा, कुरूद, गाड़ाघाट, सांकरा, तौरेंगा होते हुए लगभग 15 किमी के बाद माता जतमई का दरबार है। यहीं जतमई से ही घटारानी पहुंचने के लिए शार्टकट मार्ग पड़ता है, जो महज 7 किमी है। घटारानी मंदिर से झरझरा मंदिर भी लगभग 10 किमी की दूरी पर स्थित है। तीनों ही माता के दरबारों में झरना खूब आनंदित करता है।

पहाड़ों से घिरा चिंगरा पगार जलप्रपात
चिंगरा पगार जलप्रपात भी गरियाबंद जिले में स्थित है, जो राजधानी रायपुर से लगभग 75 किमी की दूरी पर स्थित है। जंगल के बीचों बीच पहाड़ों से घिरा हुआ चिंगरापगार जलप्रपात लगभग 110 फीट ऊंचाई से गिरता हुआ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आसपास के लोगों के लिए यह पसंदीदा पिकनिक स्पाट के रूप में बेहतर विकल्प देता है। यह जलप्रपात चारों दिशाओं से घने जंगल, ऊंचे पहाड़ों एवं प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। चारों दिशाओं से शांत वातावरण एवं झरझर करते झरने के पानी यहां के सौंदर्य में चार चांद लगा देते है।
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