श्रीराम कथा : भरत चरित्र सुनाते भावुक हुए प्रशांत महाराज, सीता हरण, शबरी मिलन और सुग्रीव मित्रता के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवापारा नगर में सालासर सुन्दरकाण्ड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के अष्टम दिवस में अयोध्या से पधारे पूज्य प्रशांत जी महाराज ने भक्तिभाव से ओतप्रोत प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, धर्म और करुणा की अनमोल शिक्षाएँ प्रदान कीं। भरत चरित्र का उल्लेख करते हुए महाराज इतने भावुक हो उठे कि उनकी आंखों से अश्रु बह निकले। सभा में उपस्थित श्रद्धालुगण भी भरत के राम प्रति असीम प्रेम और समर्पण को सुनकर भावविभोर हो गए।

महाराज ने कथा के दौरान बताया कि भगवान श्रीराम द्वारा माता सीता को अपने हाथों से पुष्पों के आभूषण पहनाने के प्रसंग से ही जयंत की अहंकार जनित भूल और दण्ड प्राप्ति की कथा प्रारंभ होती है। त्रिलोक में आश्रय ढूँढते हुए अंततः जयंत भगवान की शरण में पहुंचा, जहाँ प्रभु ने करुणा दिखाते हुए दण्ड स्वरूप मात्र एक नेत्र नष्ट कर क्षमा प्रदान की।

इसके पश्चात अत्रि ऋषि और मां अनुसुइया के आश्रम में हुए सत्कार, पति धर्म की मर्यादा पर दिए गए उपदेश, विराध राक्षस मोक्ष, पंचवटी आगमन और सूर्पणखा प्रकरण जैसे प्रसंगों का प्रभावी वर्णन हुआ। सूपनखा के विकराल रूप धारण करने पर लक्ष्मण द्वारा नाक-कान काटने और इसके बाद रावण द्वारा मायावी स्वर्ण मृग के बहाने मारीच की सहायता से माता सीता हरण का प्रसंग श्रोताओं को भावुक कर गया।

भक्तगण भाव-विह्वल हो गए

वन-वन भटकते श्रीराम द्वारा पक्षियों, वृक्षों, पर्वतों एवं जीव-जंतुओं से सीता जी के विषय में करुण पुकार, जटायु मिलन और जटायु द्वारा अंतिम श्वासों में दी गई जानकारी को महाराज ने अत्यंत मार्मिकता से प्रस्तुत किया। सुग्रीव से भेंट, मित्रता, बाली वध एवं अंगद को शरण देने के प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भक्तगण भाव-विह्वल हो गए। महाराज ने कहा कि “जीवन में संतान को ईश्वर की शरण में अर्पित करना ही सर्वोत्तम धरोहर है।”

समिति के संस्थापक राजू काबरा ने बताया कि आज के कथा दिवस के मुख्य यजमान मनोज बबलू विश्वकर्मा एवं श्रीमती पुष्पलता विश्वकर्मा परिवार थे। कथा में रायपुर, नवापारा, राजिम, तामाशिवनी, तरी, पारागाँव, दुलना, करेईली बड़ी, सोंठ, कुरूद, परखन्दा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। पूरे क्षेत्र में राम भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बन रहा है। 

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