गरियाबंद में 100 साल पुरानी परंपरा आज भी कायम! 505 ज्योत-जवारा, आधा किलोमीटर लंबी कतार और माता के जयकारे… अद्भुत आस्था का संगम

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– नवरात्रि की नवमी तिथि पर गरियाबंद जिला मुख्यालय में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शीतला माता मंदिर से 505 ज्योत-जवारा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। सिर पर जवारा लेकर चलती महिलाओं की लंबी कतार, मांदर-मंजीरे की गूंज और माता के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। इस धार्मिक आयोजन में नगर के प्रमुख देवी-देवताओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यात्रा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं सिर पर जवारा लेकर श्रद्धापूर्वक आगे बढ़ती रहीं। महिलाओं की कतार आधा किलोमीटर से भी अधिक लंबी दिखाई दी। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी रही और श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक परंपरा के दर्शन किए। इसके बाद सभी 505 ज्योत-जवारा का देवरनीन डबरी में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया।
सौ साल से अधिक पुरानी परंपरा, आज भी अटूट आस्था

गरियाबंद के शीतला माता मंदिर से जुड़ी ज्योत-जवारा विसर्जन की परंपरा नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा का आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्वहन किया जा रहा है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ती यह धार्मिक परंपरा स्थानीय लोगों की आस्था, संस्कृति और विरासत को जीवंत बनाए हुए है।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
गरियाबंद में नवरात्रि का पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामूहिक सहभागिता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। शीतला माता मंदिर से निकली 505 ज्योत-जवारा की विसर्जन यात्रा ने एक बार फिर नगर की धार्मिक परंपरा और जनआस्था की भव्य तस्वीर प्रस्तुत की। महिलाओं की लंबी कतार और श्रद्धालुओं की सहभागिता इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।
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