25 वर्षों की आस्था और परंपरा का उत्सव, शिक्षक नगर की महाआरती में उमड़े श्रद्धालु
मां दुर्गा के जयकारों से गूंजा पंडाल

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज)गरियाबंद :– शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर गरियाबंद के शिक्षक नगर में भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति के 25वें वर्ष के आयोजन के अंतर्गत 16 अक्टूबर, षष्ठी तिथि पर शाम 7:30 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। मां दुर्गा की आराधना के लिए बड़ी संख्या में मोहल्लेवासी पहुंचे। जय माता दी के जयकारों और आरती की गूंज से पूरा पूजा पंडाल भक्तिमय हो उठा।
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ मां दुर्गा की आराधना की और परिवार सहित क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। आकर्षक सजावट, रोशनी से जगमगाता पंडाल और मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महाआरती के दौरान उमड़ी भीड़ ने नवरात्रि के प्रति लोगों की गहरी आस्था और उत्साह को दर्शाया।
25 वर्षों से आस्था और परंपरा का संगम

शिक्षक नगर की सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति का नवरात्रि आयोजन हर वर्ष क्षेत्रवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। पंडाल की भव्य सजावट, आकर्षक विद्युत रोशनी और मां दुर्गा की सुंदर प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। समिति द्वारा नवरात्रि के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का माहौल बनाया जाता है। उत्सव का 25वां वर्ष समिति के लिए विशेष महत्व रखता है, जो वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता को दर्शाता है।
श्रद्धालुओं का रहता है विशेष उत्साह
सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति, शिक्षक नगर के सदस्य धीरू तिवारी ने बताया कि समिति इस वर्ष नवरात्रि उत्सव का 25वां वर्ष मना रही है। इसी क्रम में षष्ठी तिथि पर शाम 7:30 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने बताया कि समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के साथ ही समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ना है। आकर्षक पंडाल, मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा और विशेष सजावट के कारण हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं का विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
समिति अध्यक्ष जीवन एस साहू बोले—मां की आराधना और सेवा से बड़ा कुछ नहीं
सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष जीवन एस साहू ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना और सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। शिक्षक नगर में पूरा मोहल्ला एक परिवार की तरह मिल-जुलकर काम करता है। आरती से लेकर मां दुर्गा के प्रत्येक धार्मिक कार्य तक मोहल्लेवासी एकजुट होकर अपनी सहभागिता निभाते हैं। यही सामूहिक भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ महाआरती में शामिल होना और पूरे वातावरण को भक्तिमय होते देखना बेहद सुखद अनुभव है। मां दुर्गा की आरती के समय जब पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठता है, तो श्रद्धालुओं के बीच एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा देखने को मिलती है। यह आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि मोहल्ले के लोगों को आपस में जोड़ने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का भी माध्यम है।
जीवन एस साहू ने बताया कि वर्ष 2003 से लेकर अब तक समिति द्वारा हर साल कुछ नया और बेहतर करने का प्रयास किया जाता रहा है। प्रत्येक वर्ष धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ आयोजन को और आकर्षक बनाने की कोशिश की जाती है। इस वर्ष आयोजित भव्य महाआरती ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया और पूरे शिक्षक नगर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
मां दुर्गा की आराधना, भव्य महाआरती और श्रद्धालुओं की सहभागिता से शिक्षक नगर का नवरात्रि उत्सव एक बार फिर भक्ति, सामाजिक एकता और धार्मिक परंपरा का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। 25 वर्षों की इस धार्मिक यात्रा में समिति और मोहल्लेवासियों की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को विशेष पहचान दी है।
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