गरियाबंद ब्रेकिंग : छात्र की मौत पर फूटा गुस्सा, नेशनल हाईवे किया जाम, गाड़ियों की लगी लंबी लाइन, जानिए क्या है मामला

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले में एक छात्र की मौत के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए NH130C को जाम कर दिया है। अचानक हुए चक्काजाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर हालात को संभालने की कोशिश की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, आज गुरुवार सुबह 8:00 बजे से मैनपुर में नेशनल हाईवे 130C (NH36) को जाम कर दिया गया है। आरोप है कि आश्रम अधीक्षक की लापरवाही से मैनपुर के आदिवासी बालक आश्रम बड़ेगोबरा के एक छात्र की मौत हो गई। समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत के बाद आदिवासी समाज सड़कों पर उतर आया है। प्रदर्शनकारियों ने आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए, उनके खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने और पद से बर्खास्त करने की मांग कर रहे है। साथ ही मृत छात्र के पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि देने की मांग की जा रही है।

हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। हाईवे पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि “जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।” उनका कहना है कि अनुविभागीय अधिकारी मैनपुर को दिनांक 09.02.2026 को 10 दिवस के भीतर कार्यवाही हेतु ज्ञापन सौपा गया था। लेकिन कोई कार्यवाही नही किये जाने के कारण आज दिनांक 19.02.2026 को चक्का जाम किया जा रहा है।

क्या है मामला

ग्राम भाठीगढ़ में शासकीय आदिवासी बालक आश्रम बड़ेगोबरा का संचालन किया जा रहा है इस आश्रम में ग्राम गजकन्हार विकासखण्ड नगरी निवासी छात्र राघव कुमार कक्षा सातवी का छात्र था। वह अपने माता पिता की इकलौती संतान था। उसके नाना मैनपुर से 8 कि.मी. दूर ग्राम पथरी में रहते है इसलिए उन्होने राघव को भाठीगढ़ बालक आश्रम में पढ़ाई के लिए प्रवेश दिलवाया था।

बताया जा रहा है कि राघव 20 जनवरी से आश्रम के कर्मचारियों को अपनी तबियत खराब होने
की जानकारी देते हुए अपने माता पिता से मोबाईल में बात कराने की गुहार लगाते रहा। लेकिन आश्रम के कर्मचारियों ने छात्र की बातों को अनसुना कर दिया। जानकारी मिलने पर 26 जनवरी को छात्र के पिता फिरतु राम मंडावी बच्चे को बीमार हालत में अपने घर ले गया और घर में इलाज कराने के बाद धमतरी तक ले गया लेकिन उनका बेटा नहीं बच पाया और उसकी मौत हो गई। उनका आरोप है कि अधीक्षक द्वारा यदि इलाज कराया जाता तो आज उसका बच्चा जिन्दा होता।

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