अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 21 मोटरसाइकिलें बरामद, मुख्य आरोपी समेत 9 खरीदार गिरफ्तार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों और बस स्टैंडों से मिनटों में मोटरसाइकिल चोरी कर लेता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में चोरी की 21 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका साथी फरार है। पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। मामला रायगढ़ जिले का है।
चोरी की बाइक सस्ते दामों में बेचते थे
दरअसल, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी मिलकर रायगढ़, पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ सहित पड़ोसी राज्य ओडिशा के क्षेत्रों से बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने योजना बनाकर सुखदेव चौहान को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कई वारदातों का खुलासा किया।
बाजारों से चोरी करते थे बाइक
आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ लंबे समय से बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। उसने जुलाई 2025 में सराईपाली बाजार से पैशन प्रो, अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से पल्सर और मार्च 2026 में धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना स्वीकार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों को अपने परिचितों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बेहद कम कीमत पर बेच देता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि 7 बाइक सुखदेव चौहान के घर से जब्त की गईं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह का नेटवर्क रायगढ़ के अलावा ओडिशा के कई क्षेत्रों तक फैला हुआ था। आरोपी महुआ चौक पूंजीपथरा, सराईपाली बाजार, धरमजयगढ़ बस स्टैंड, कोतबा अटल चौक सहित ओडिशा के सरगीपाली, उज्जलपुर और लेफरीपारा जैसे स्थानों को निशाना बनाते थे।
मिनटों में तोड़ देते थे लॉक
पुलिस के अनुसार, दोनों मुख्य आरोपी पेशे से ड्राइवर हैं और गाड़ियों की मरम्मत का काम भी जानते हैं। इसी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर वे पेचकस और सामान्य औजारों से कुछ ही मिनटों में मोटरसाइकिल का लॉक तोड़ देते थे। चोरी के बाद बाइक को कुछ दिन सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके और बाद में सस्ते दामों में बेच दिया जाता था।
पुलिस ने मामले में संगठित अपराध के तहत मुख्य आरोपियों पर धारा 112(1) बीएनएस तथा चोरी की संपत्ति खरीदने वालों पर धारा 317(2) व 317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
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