होलिका दहन : इन शुभ मुहूर्त मे करे पूजन, इन बातों का रखे ध्यान, सजी पिचकारियों और रंग-गुलालों की दुकानें

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- होली रंगों का त्योहार है। होली का सुरूर शनिवार से दिखने लगा है। शहर के बस स्टैण्ड लेकर गंज रोड, सदर रोड एवं विभिन्न जगहों पर रंग-गुलाल और पिचकारी की दुकाने सजी हुई है। हालांकि अब रंगों का पर्व भी महज औपचारिकता बनकर रह गई है। अब तो सबसे ज्यादा भीड़ शराब दुकान और चिकन कॉर्नर में दिखाई देती है। पहले के जमाने में 10 दिन पहले से ही होलियाना माहौल शुरू हो जाता था। यह अब बीते जमाने की बात हो गई है। लोग अब त्यौहार का आनंद केवल एक या दो दिन ही लेना पसंद करते हैं।
होलिका दहन अर्द्ध रात्रि मे
होलिका दहन को लेकर पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति का साल का आखिरी बड़ा त्यौहार होली आज है, आज रविवार को सुबह 9.55 पर भद्रा लग रही है जो रात्रि11.13 बजे तक रहेगी, भद्रा में कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, ऐसी शास्त्र आज्ञा है, विशेष रूप से हम लोग रक्षा बंधन और होली में तो इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं ।
इसलिए आज रात्रि 11.13 के उपरान्त होलिका दहन करना शुभ और श्रेयस्कर रहेगा और दूसरे दिन सोमवार को रंगों का त्यौहार मनाया जायेगा । इस साल 24 मार्च रात 11:14 से लेकर 12:20 के बीच होलिका का दहन करना ही शास्त्र के अनुसार उचित है। शास्त्री जी ने कहा कि भारतीय पंचांग में अन्य महीनों की तरह से फागुन के महीने की भी विशिष्ट महिमा है, यह हरिहर का महीना है, जो भगवान विष्णु और शंकर जी को समर्पित है, इसी महीने में महाशिवरात्रि मनाई जाती है और विष्णु भगवान की आमलकी एकादशी भी, भारतीय संवत्सर का यह अंतिम महीना है, फिर 9 अप्रैल से चैत्र माह शुरू हो जाएगा ।
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