छुरा ब्लाक के मुख्यमंत्री गोद ग्राम में झरिया का पानी पीने को मजबूर हुए कमार परिवार, 2 महीने से बोरवेल खराब, जिम्मेदार बेपरवाह, आंदोलन की दी चेतावनी

सरकारी योजनाएं फेल : कमार परिवारों की जिंदगी से खिलवाड़

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी दावों की हकीकत बयां कर रही है। केडीआमा के कमार परिवार भीषण गर्मी में पीने के साफ पानी के लिए जूझ रहे हैं, वहीँ  जिम्मेदार विभाग की लापरवाही भी सामने आई है।

गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत मुख्यमंत्री गोद ग्राम केडीआमा (रमनपुर) क्षेत्र में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों की हालत बद से बदतर हो गई है। उनके पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया गया सौर बोरवेल पूरी तरह से खराब हो चुका है और बोर खराब होने से उसमें पानी भी नहीं है। नतीजतन, भीषण गर्मी में इन परिवारों को झरिया (छोटे गड्ढे ) का असुरक्षित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

कनेसर सरपंच योगेश ने बताया कि इस गंभीर समस्या की जानकारी करीब दो महीने पहले ही PHE विभाग को दी जा चुकी है। जनपद सदस्य के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन विभाग जिम्मेदारी निभाने के बजाय “गाड़ी खराब है” जैसे बहानों के पीछे छिपकर अपनी नाकामी को ढकने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि क्या विभाग सिर्फ बहाने ही बनाता रहेगा? क्या आदिवासी परिवारों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं? जब हालात इतने गंभीर हैं कि ये परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, तब भी विभाग का यह रवैया न सिर्फ गैरजिम्मेदाराना है, बल्कि अमानवीय भी कहा जा सकता है।

समाज आंदोलन के लिए होगा बाध्य 

सरपंच योगेश ध्रुव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बोरवेल सुधार या नई जल व्यवस्था नहीं की गई, तो आदिवासी समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का यह रवैया आदिवासियों के साथ अन्याय है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कब मिलेगी राहत 

छुरा ब्लॉक के केडीआमा में जो स्थिति बनी हुई है, वह सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता का आईना है। एक ओर केंद्र और राज्य सरकार “हर घर जल” का सपना दिखा रही है, आदिवासियों के लिए कई योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में आदिवासी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक नींद से जागता है और इन परिवारों को राहत मिलती है।

इस मामले में PHE SDO नवीन साहू ने कहा कि हमारी बोर मशीन लगभग 3 महीने से खराब है जिसे बनाने के लिए दिया गया है। जो बनने के बाद ट्रायल पर है एक से दो हफ्तों के अंदर वापस आ जाएगी, जिसके बाद बोरवेल सुधार कर दिया जाएगा। 

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/CssJEbwZ7dcDtsBkoxI04r

यह खबर भी जरुर पढ़े

राजिम में 4 लेन सड़क का भूमिपूजन: एक ही कार्यक्रम का अलग-अलग समय, नेताओं की अनदेखी और खाली कुर्सियों की चर्चा, जिम्मेदार कौन?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button