बिजली विभाग की कार्रवाही : नवापारा-राजिम संभाग में 386 लोगों के GPS से ऑनलाइन काटी बिजली, 31 पर FIR दर्ज

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की निगरानी और अधिक सटीक हो गई है। जीपीएस सिस्टम के जरिए अब आनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे बकायादारों सहित गड़बड़ी पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके, साथ ही विभाग ने बिजली बिल बकाया वसूली को लेकर सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
इसी कार्रवाई के दौरान विद्युत वितरण कंपनी नवापारा–राजिम संभाग द्वारा बकाया राशि की वसूली के लिए स्मार्ट मीटर के माध्यम से ऑनलाइन डिस्कनेक्शन अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत प्रारंभिक चरण में कुल 386 बकायादार उपभोक्ताओं, जिन पर 71.35 लाख रुपये की बकाया राशि थी, की बिजली आपूर्ति स्मार्ट मीटर के जरिए ऑनलाइन काटी गई। बिजली कटने के पश्चात 132 उपभोक्ताओं ने 21.64 लाख रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद उनकी बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी गई।
31 उपभोक्ताओं पर FIR दर्ज
वहीं बिजली कटने के बाद सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं द्वारा निगरानी के दौरान 31 उपभोक्ताओं को अवैध रूप से बिजली लेकर उपयोग करते हुए पकड़ा गया। इन उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की सील तोड़कर, बायपास कर अथवा मीटर से छेड़छाड़ कर लाइन जलाने की पुष्टि हुई है। इस संबंध में इन उपभोक्ताओं के ऊपर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है, वहीं विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
आगे और सख्ती की चेतावनी
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में बकायादार उपभोक्ताओं से वसूली हेतु स्मार्ट मीटर के माध्यम से वृहद स्तर पर बिजली आपूर्ति काटने की कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने बकाया बिजली बिल का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करें।
कनेक्शन काटने से पहले दिया गया अल्टीमेटम
कार्यपालन यंत्री नवापारा-राजिम संभाग एच आर प्रसाद ने बताया कि पूर्व में ट्रायल के लिए 54 बड़े बकायादार उपभोक्ताओं का कनेक्शन आनलाइन काटा गया सफल परीक्षण के बाद अब यह कार्रवाही की गई है। कनेक्शन काटने से तीन दिन पहले उपभोक्ताओं को अल्टीमेटम दिया जाता है। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल, बिजली खपत की सटीक जानकारी और ओवरबिलिंग से राहत मिल रही है। वहीं कंपनी को भी बकाया राशि की वसूली और बिजली चोरी रोकने में मदद मिल रही है। विभाग ने साफ किया है कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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