गरियाबंद में धूमधाम से मनाई गई रामनवमी : भक्ति में डूबा नगर, मंदिरों में उमड़ी भीड़, महाआरती-भंडारों में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद में रामनवमी का पावन पर्व इस वर्ष पूरे श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह से ही नगर के विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं और दिनभर पूजा-अर्चना, हवन, कन्या भोज और भंडारे जैसे धार्मिक आयोजन चलते रहे।
नगर सहित अंचल के मंदिर परिसरों में “जय श्रीराम” और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु पूरे दिन भगवान श्रीराम और माता रानी की आराधना में लीन नजर आए। शाम होते-होते मंदिरों में भीड़ और बढ़ गई, जहां लोग परिवार सहित दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे।
नगर के प्रमुख शिव-दुर्गा मंदिर में इस अवसर पर मित्र मंडली समिति द्वारा भव्य महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। महाआरती के दौरान सैकड़ों दीपों की रोशनी और भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया। इसके बाद प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष करीब 1500 से अधिक लोगों ने हलवा, पूरी, चावल और सब्जी का प्रसाद ग्रहण किया।
बच्चों ने भी दिखाया उत्साह

भंडारे की खास बात यह रही कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में हिस्सा लिया। रसोई में जहां महिलाएं प्रसाद तैयार करने में जुटी रहीं, वहीं पुरुष वितरण व्यवस्था संभालते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे भी पीछे नहीं रहे – वे श्रद्धालुओं को पानी पिलाने, पत्तल लगाने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते दिखे।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह भंडारा लगातार आयोजित किया जा रहा है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्य एक परिवार की तरह मिलकर कार्य करते हैं, जिससे सेवा और समर्पण की भावना और मजबूत होती है।
श्रद्धालुओं ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रामनवमी जैसे पर्व पर इस तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। इससे समाज में आपसी भाईचारा बढ़ता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
भक्ति, सेवा और उल्लास का माहौल

पूरे दिन नगर में भक्ति, सेवा और उल्लास का माहौल बना रहा। हर गली-मोहल्ला धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। रामनवमी के इस पर्व ने एक बार फिर गरियाबंद की सामूहिक आस्था, एकता और सामाजिक समरसता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से अतुल गुप्ता, ऋषिकांत मोहरे, सुमित पारख, आशीष तिवारी, सीनू ठाकुर, जीतू सेन, सुब्रत पात्र, पित्तू देवांगन, भरत दीवान, तरुण ठाकुर, ललित साहू, नरेन्द्र पांडे, क्षितिज गुप्ता संजय कश्यप, निरंजन प्रधान, बाबू भोषले, वैभव ठक्कर, शत्रुघ्न साहू, सूरज सिन्हा सत्य प्रकाश मानिकपुरी,दीनू निर्मलकर पुजारी खड़ानन्द प्रसाद दुबे,,वर्षा तिवारी, साधना सेन, सोनी साहू, शालू मोहरे, मनीषा गुप्ता, दिव्या देवांगन, पूनम पारख, विभा कश्यप, संगीता साहू,प्राची कुटारे,अनिता शांडिल्य गुरनूर कुजरेजा मृणाली सोनवानी उपस्थित रहे।
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