हिंसा का रास्ता छोड़ा, विकास की ओर कदम: गरियाबंद में ऑटोमेटिक हथियारों के साथ 6 महिला सहित 9 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन सीनापाली एरिया कमेटी एवं एसडीके एरिया कमेटी के 09 माओवादियों ने 06 आटोमेटिक हथियारों के साथ गरियाबंद में आत्मसमर्पण किया है। इन माओवादियों के ऊपर कुल 45 लाख का ईनाम घोषित किया गया था।
गरियाबंद पुलिस द्वारा जिले में सक्रिय समस्त माओवादी एरिया कमेटियों को सम्पूर्ण रूप से समर्पण कराने हेतु शासन के आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के माध्यम से निरंतर अपील किया जा रहा था। लगातार गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, कोबरा, एसटीएफ एवं सीआरपीएफ के द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के तहत निरंतर चल रहे प्रयास से प्रभावित होकर अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया।
इन्होंने किया आत्मसमर्पण

गरियाबंद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बलदेव उर्फ वामनवट्टी, डिवीजनल कमेटी सदस्य/सीनापाली एसी प्रभारी, 08 लाख रूपये के ईनामी, एके 47 हथियार के साथ, डमरू उर्फ महादेव, डिवीजनल कमेटी सदस्य, 08 लाख रूपये के ईनामी, एके 47 हथियार के साथ, सोनी उर्फ बुदरी, सीनापाली एरिया कमेटी सचिव, 08 लाख ईनामी, एसएलआर हथियार के साथ, रंजीत उर्फ गोविंद, सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य, 05 लाख ईनामी, एसएलआर हथियार के साथ, पार्वती उर्फ सुक्की कारम, सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य, 05 लाख रूपये का ईनामी, रतना, सीनापाली एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य), 01 लाख रूपये के ईनामी, 303 हथियार के साथ, नवीता सीनापाली एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य), 01 लाख रूपये के ईनामी, सरूपा एसडीके एरिया कमेटी (पार्टी सदस्य)- 01 लाख रूपये के ईनामी 09 माओवादियों द्वारा 06 आटोमेटिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया गया है।
उन्होंने बताया कि शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति के तहत समर्पण करने पर पद अनुरूप ईनाम राशि की सुविधा, हथियार के साथ समर्पण करने पर ईनाम राशि की सुविधा, बिमार होने पर स्वास्थ्य सुविधा, आवास की सुविधा, रोजगार की सुविधा को देखते हुये इनके कई माओवादी साथी (टिकेश, प्रमीला, लक्ष्मी, मैना, क्रांति, राजीव, ललिता, सहित अन्य ) आत्मसमर्पण कर शासन के इन्ही योजनाओं का लाभ उठा रहे है, जिसके बारे में इन लोगो को समाचार पत्रो व स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से जानकारी मिलता था।
गरियाबंद पुलिस द्वारा जंगल-गांवों में प्रचारित समर्पण नीति के पोस्टर-पाम्पलेट मिलते थे, जिससे इनके मन में विचार आया कि ये लोग क्यों जंगल में पशुओं की तरह दर-दर भटक रहे है। माओवादियों की खोखली हो चुकी विचारधारा, जंगल की परेशानियां, शासन की पुनर्वास नीति तथा आत्मसमर्पित साथियों के खुशहाल जीवन से प्रभावित होकर ये लोग भी अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिताने के लिए आत्मसर्मपण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित माओवादियों का विवरण:-

आत्मसमर्पित माओवादी कैडर में कुल 9 नक्सली शामिल हैं, जिनमें अंजू उर्फ कविता (40 वर्ष) ग्राम ऐरमामड, पंचायत पोलेमपल्ली, तहसील कोंटा, जिला सुकमा की निवासी है। वह वर्ष 2004 में संगठन में शामिल होकर कोंटा क्षेत्र में सक्रिय रही और वर्ष 2010 में विस्तार के लिए गरियाबंद भेजी गई। वर्ष 2010 से जनवरी 2025 तक सीनापाली एरिया कमेटी तथा जनवरी 2025 से अब तक एसडीके एरिया कमेटी में सक्रिय रहते हुए डीजीएन डिवीजन सचिव के प्रभार में कार्यरत थी। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में कुल 19 अपराध पंजीबद्ध हैं।
बलदेव उर्फ वामनवट्टी, ग्राम बडेकिलेपाल, थाना कोडेनार, जिला बस्तर का निवासी है, जो वर्ष 2006 में माओवादी संगठन में शामिल हुआ और 2007-08 में गरियाबंद क्षेत्र में कार्यरत रहा। वर्ष 2010 से जनवरी 2025 तक एसडीके एरिया कमेटी में सक्रिय रहा तथा जनवरी 2025 से सीनापाली एरिया कमेटी में सचिव के रूप में कार्य कर रहा था। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में कुल 29 अपराध दर्ज हैं।
डमरू उर्फ महादेव (35 वर्ष) ग्राम इतुलवाडा, पंचायत बेच्चा, थाना छोटेडोंगर, जिला नारायणपुर का निवासी है, जो अप्रैल 2006 में दौला एरिया कमेटी में पार्टी सदस्य के रूप में भर्ती हुआ। वर्ष 2007 तक सक्रिय रहने के बाद 2007 से 2009 तक 17 नंबर पीएल तथा 2009 से 2013 तक एसजेडसी प्रकार के प्रोटेक्शन में कार्य किया। वर्ष 2013 में सप्लाई टीम का गठन कर कमांडर बनाया गया और 2014 में ओडिशा स्टेट कमेटी भेजा गया, जहां वह अब तक सक्रिय रहा। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में 1 अपराध पंजीबद्ध है।
गरियाबंद में 6 अपराध है दर्ज

सोनी उर्फ बुदरी मुरिया (37 वर्ष) ग्राम एटेगट्टा, पंचायत दरभा, थाना एर्राबोर, जिला सुकमा की निवासी है, जो वर्ष 2005 में संगठन में शामिल होकर 2010 तक बाल संगठन में सक्रिय रही। वर्ष 2010 में गरियाबंद आकर सीसी-संग्राम के प्रोटेक्शन टीम में शामिल हुई और 2020 तक सक्रिय रही, इसी दौरान इसे एसीएम बनाया गया। वर्ष 2020 से सीनापाली एरिया कमेटी में सक्रिय रहते हुए वर्ष 2023 में सचिव बनाई गई। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में कुल 6 अपराध दर्ज हैं।
रंजीत उर्फ गोविंद, ग्राम कायका, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर का निवासी है, जो वर्ष 2008 में गंगालूर एरिया कमेटी में शामिल होकर 2010 तक पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय रहा। वर्ष 2010 में गरियाबंद विस्तार हेतु आया और सोनाबेडा एरिया कमेटी में कार्य किया। वर्ष 2014 में सोनाबेडा एलजीएस का कमांडर बनाया गया। एलजीएस के अन्य सदस्यों के मारे जाने के बाद वर्ष 2025 से सीनापाली एरिया कमेटी में कार्यरत था। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में 2 अपराध पंजीबद्ध हैं।
जिले में 11 अपराध है दर्ज
पार्वती उर्फ सुक्की कारम (37 वर्ष) ग्राम तिमेनार, थाना मिरतुर, जिला बीजापुर की निवासी है, जो वर्ष 2007 में संगठन में शामिल होकर 2010 तक सीएनएम में कार्यरत रही। जुलाई 2010 से गरियाबंद क्षेत्र में एसडीके एरिया कमेटी में सक्रिय है। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में कुल 11 अपराध दर्ज हैं।
रतना उर्फ सोमडी कुंजाम, ग्राम पुरसम, थाना बासागुडा, जिला बीजापुर की निवासी है, जो वर्ष 2016 में संगठन में शामिल होकर सीसी-मनोज के प्रोटेक्शन टीम में सक्रिय रही। सितंबर 2025 में सीसी-मनोज के मारे जाने के बाद से बलदेव के साथ सीनापाली एरिया कमेटी में सक्रिय थी। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में 1 अपराध पंजीबद्ध है।
नवीता उर्फ डांगी मंडावी, ग्राम मोरपल्ली, थाना कोंटा, जिला सुकमा की निवासी है, जो वर्ष 2022 में माओवादी संगठन में शामिल हुई। गरियाबंद में एसजेडसी प्रमोद उर्फ पाण्डु की गार्ड के रूप में कार्यरत रही और सितंबर 2025 में पाण्डु के मारे जाने के बाद से एसडीके एसी सचिव अंजू के साथ कार्य कर रही थी।
सरूपा, ग्राम नेडिम, थाना बासागुडा, जिला बीजापुर की निवासी है, जो वर्ष 2023 में जगरगुण्डा एलओएस में शामिल हुई। बाद में बदली कर कालाहांडी क्षेत्र तथा पुनः एसडीके एरिया कमेटी में अंजू की गार्ड के रूप में कार्यरत रही। इसके विरुद्ध गरियाबंद जिले में 1 अपराध पंजीबद्ध है।
गरियाबंद पुलिस की अपील
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक ने जिले में सक्रिय शेष माओवादियों से अपील की है कि वे शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए किसी भी थाना, चौकी या सुरक्षा कैम्प में आत्मसमर्पण करें और शांतिपूर्ण, सम्मानजनक जीवन की ओर लौटें। आत्मसमर्पण से संबंधित जानकारी के लिए नक्सल सेल गरियाबंद के मोबाइल नंबर 94792-27805 पर संपर्क किया जा सकता है।
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