जगराते के लिए सड़क पर बांधी रस्सी बनी मौत का फंदा, बुलेट सवार युवक की मौत; CCTV फुटेज भी आया सामने

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– धार्मिक आयोजन के लिए सड़क पर बांधी गई रस्सी एक युवक की मौत का कारण बन गई। जगराता कार्यक्रम के लिए सड़क पर बांधी गई मोटी रस्सी में बुलेट सवार युवक का गला फंस गया। हादसे में युवक की श्वासनली कटने से मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने आयोजन समिति के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के जयस्तंभ चौक स्थित दुर्गा पंडाल के पास शुक्रवार को जगराता कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए जयस्तंभ चौक से अग्रसेन चौक के बीच वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर बांस गाड़कर मोटी रस्सी बांधी गई थी। आगे यातायात विभाग की बैरिकेडिंग भी लगाई गई थी।
16 अक्टूबर की रात मायापुर निवासी फैजान आलम अपने साथी समीर के साथ बुलेट से अग्रसेन चौक की ओर से जयस्तंभ चौक पहुंचा। बताया जा रहा है कि सड़क पर बंधी रस्सी दिखाई नहीं देने के कारण बाइक सीधे उससे टकरा गई। रस्सी फैजान के गले में फंस गई और दोनों युवक बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। हादसे में फैजान के गले में गंभीर चोट आई, जबकि उसका साथी समीर भी घायल हो गया। घटना का लाइव वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने फैजान आलम को मृत घोषित कर दिया, जबकि समीर का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, रस्सी से गला कटने के कारण फैजान की श्वासनली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी।
युवक की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और परिचितों में शोक छा गया। मृतक के परिजनों ने आयोजन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हादसे के बाद लोगों में आक्रोश, थाने पहुंचे परिजन
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग जयस्तंभ चौक पर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने जगराता कार्यक्रम बंद करा दिया। इसके बाद मृतक के परिजन और मुस्लिम समुदाय के लोग थाने पहुंचे तथा आयोजन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने आयोजन समिति के सुरेश कन्नौजिया, संदीप अग्रवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 125(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस हादसे ने सार्वजनिक और धार्मिक आयोजनों के दौरान सड़क पर आवाजाही रोकने के लिए किए जाने वाले इंतजामों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर रस्सी या अन्य अवरोधक लगाए जाने की स्थिति में पर्याप्त दृश्य संकेत, चेतावनी और सुरक्षित बैरिकेडिंग बेहद जरूरी हैं, ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।
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