घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में गरियाबंद पुलिस का ‘संवाद’ कार्यक्रम, ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सुनी जमीनी समस्याएं
ग्रामीणों एवं बच्चों से रूबरू हो कर स्कूल बैग, पाठ्य सामग्री, चप्पल, कंबल तथा बुजुर्ग जनों को लूंगी, साड़ी आदि वितरित किया गया।

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित अंचलों में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस और ग्रामीणों के बीच आपसी संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘‘संवाद’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुँचे और उनकी समस्याओं से रूबरू हुए।
गरियाबंद पुलिस के ‘‘संवाद’’ कार्यक्रम अंतर्गत पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर अपनी टीम के साथ थाना मैनपुर क्षेत्रांतर्गत घोर नक्सल प्रभावित ग्राम मटाल एवं राजाडेरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और क्षेत्र की जमीनी हकीकत से अवगत हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्राम अमली एवं राजाडेरा के बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा अभिभावकों को बच्चों को नियमित स्कूल भेजने एवं अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बच्चों को पाठ्य सामग्री, चप्पल एवं कंबल वितरित किए गए, वहीं बुजुर्गजनों को लूंगी तथा महिलाओं को साड़ी का वितरण भी किया गया।
शांति का वातावरण बन रहा

ग्रामीणों से नक्सलवाद के प्रभाव और वर्तमान गतिविधियों के संबंध में भी चर्चा की गई। ग्रामीणों ने बताया कि अब क्षेत्र में नक्सलियों का प्रभाव काफी कम हुआ है और धीरे-धीरे शांति का वातावरण बन रहा है, जिससे आम जनजीवन में सुधार देखने को मिल रहा है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीणों से उनके स्वास्थ्य, हाल-चाल एवं व्यवसाय के संबंध में जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने बताया कि छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी मैनपुर तक जाना पड़ता है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण विशेषकर बरसात के मौसम में अस्पताल पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाता है। इसके साथ ही क्षेत्र में बांस शिल्पकारों की संख्या अधिक होने के बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं होने से बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं हो पाती, जिससे उत्पादों का उचित मूल्य नहीं मिल पाता और व्यवसाय लाभदायक नहीं रह जाता।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को शीघ्र ही संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त होते क्षेत्रों के विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग एवं कार्रवाई की जाएगी।
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