मैसूरु में आयोजित 38वें अखिल भारतीय डाक सांस्कृतिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, इन्होंने बनाया स्थान, प्रदेश का नाम किया रोशन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– 38वीं अखिल भारतीय डाक सांस्कृतिक सम्मेलन (एआईपीसीएम-2026) का आयोजन 16 फरवरी से 20 फरवरी तक कर्नाटक के मैसूरु में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभर के डाक कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य डाक कर्मचारियों के बीच स्वस्थ सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा, एकता, सौहार्द और टीम वर्क की भावना को बढ़ावा देना रहा।
डाक विभाग द्वारा आयोजित और कर्नाटक डाक सर्कल के संचालन में पांच दिवसीय यह सांस्कृतिक सम्मेलन डाक प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) तथा कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय (केएसओयू) परिसर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के 21 डाक सर्किलों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल 335 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। इसे डाक कर्मचारियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
कर्नाटक सर्कल द्वारा आयोजित इस अखिल भारतीय सांस्कृतिक सम्मेलन में असम, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई उपलब्धियां हासिल कीं।
प्रदेश का नाम किया रोशन

छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पंथी नृत्य को सीनियर कैटेगरी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस प्रस्तुति में चंद्रशेखर पैंकरा, जितेंद्र कुमार ध्रुव, विवेक साहू, अशोक गौर, नवीन जांगड़े, सकलदेव रत्नाकर, नीलेश विश्वकर्मा और अमरदास कोसरिया ने शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोकगाथा शैली पंडवानी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। वहीं वाद्य संगीत प्रतियोगिता में खुशी साहू ने तबला वादन में तथा अभिषेक पैकरा ने वायलिन वादन में तृतीय स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ डाक सर्कल के अधिकारियों और कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है तथा सभी विजेताओं को बधाई दी जा रही है।
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