जल जीवन मिशन में लापरवाही पर फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, फिंगेश्वर जनपद की बैठक में पीएचई एसडीओ को हटाने का प्रस्ताव

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट और जल जीवन मिशन की बदहाल स्थिति को लेकर जनपद पंचायत फिंगेश्वर की विशेष बैठक में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। अधिकारियों के लापरवाह रवैये से नाराज जनपद सदस्यों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अनुविभागीय अधिकारी नवीन साहू को जनहित में तत्काल हटाने संबंधी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस फैसले से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गया है।

शुक्रवार को आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन योजना के कार्यों में व्यापक लापरवाही, पेयजल आपूर्ति में अनियमितता और बोर खनन कार्यों में गंभीर उदासीनता को लेकर जमकर चर्चा हुई। जनपद सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोग परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

जनपद अध्यक्ष इंद्राणी नेहरू साहू ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता की कमी, पेयजल समस्या और बोर खनन को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण एसडीओ नवीन साहू को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई भी अधिकारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतेगा, तो उसके खिलाफ शासन को सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

मशीन पिछले छह महीने से खराब पड़ी

जनपद उपाध्यक्ष सतीश यादव ने बताया कि बैठक में जब पीएचई विभाग से पिछले एक वर्ष में बोर खनन की जानकारी मांगी गई, तो यह सामने आया कि एक भी नया बोर नहीं खोदा गया। विभागीय मशीन पिछले छह महीने से खराब पड़ी है, जबकि एक अन्य मशीन देवभोग क्षेत्र में कार्यरत है। विभाग के पास मशीन सुधार के लिए आवश्यक नट-बोल्ट खरीदने तक की राशि नहीं है।

इस पर एसडीओ नवीन साहू ने कहा कि मशीन खराब होने की जानकारी जिला अधिकारियों को पहले ही दे दी गई है, लेकिन विभागीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मरम्मत नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि “हम अपनी जेब से मशीन नहीं बनवा सकते, इसी कारण इस वर्ष एक भी बोर खनन नहीं हो पाया।”

घरों तक नहीं पहुंच पाया पानी 

फिंगेश्वर नगर पंचायत में वर्ष 2022-23 में 36 करोड़ रुपए की अमृत जल जीवन मिशन योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के बावजूद आज तक घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान पुरानी पाइपलाइन को अव्यवस्थित तरीके से तोड़ दिया गया, जिससे पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो गई। योजना के तहत सरगी नाला में पानी रोकने के लिए बनाए गए एनीकेट बांध में पर्याप्त पानी नहीं होने से जल टंकी तक आपूर्ति बाधित हो रही है।

नगर पंचायत द्वारा टैंकर के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह केवल कुछ वार्डों तक सीमित है। अधिकांश वार्डों में अब भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत वर्ष 2024 तक हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी 70 प्रतिशत से अधिक घर इस सुविधा से वंचित हैं।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि अब जवाबदेही तय होगी और काम के प्रति लापरवाह रवैया अपनाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस निर्णय को जनपद क्षेत्र में प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

बैठक में जनपद अध्यक्ष इंद्राणी नेहरू साहू, उपाध्यक्ष सतीश यादव, सभापति नंदू यादव, दिलीप साहू, मंजू साहू, राधेश्याम साहू, नीतू साहू, हीरामणी साहू, आशीष पांडे, सीमा शर्मा, रामेश्वरी कुर्रे, नीता साहू, गोदावरी साहू, रूखमणी सिंह और उमा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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