भीमसेनी एकादशी मेले में चाकूबाजी, दो सगे भाईयों पर जानलेवा हमला

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा:– गरियाबंद जिले के छुरा इलाके से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मेले में घूमने पहुंचे दो सगे भाईयों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। दोनों युवकों को खून से लथपथ हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है। मामला छुरा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार छुरा क्षेत्र के अंतिम वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम बम्हनी (कोसमी) में भीमसेनी एकादशी मेले का आयोजन किया गया था। इस दौरान रात करीब 1 से 2 बजे के बीच ग्राम नावाडीही निवासी दो सगे भाई मेले में झूला झूलने और घूमने के बाद झूले के पास आराम कर रहे थे। तभी वहां पहुंचे दो अज्ञात युवकों ने बिना धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि हमलावर अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
112 की मदद से अस्पताल पहुंचाए गए घायल
घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। इसके बाद 112 पुलिस टीम की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर कर दिया।
घायलों में 20 वर्षीय ओमकार जगत शामिल है, जिसके पेट, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चाकू के घाव हैं। वहीं दूसरा घायल 17 वर्षीय नाबालिग है, जिसकी कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। घायल युवकों में से एक गूंगा दिव्यांग है, जो बोलने में सक्षम नहीं है। उसके साथ हुई इस निर्मम घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा आक्रोश और संवेदना का माहौल है। ग्रामीण उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वारदात से पहले कुछ संदिग्ध युवक मेले में मौजूद लोगों से कथित रूप से नशे की सामग्री मांगते देखे गए थे। कुछ लोगों का दावा है कि घायल युवकों से भी ऐसी मांग की गई थी। हालांकि इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसे जांच का विषय मान रही है।
मेले में पहली बार हुई घटना
भीमसेनी एकादशी मेला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और सामाजिक आयोजन माना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मेले में शामिल होने के बावजूद उन्होंने पहली बार इतनी गंभीर और खूनी घटना देखी है। वारदात के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। घायलों, परिजनों, प्रत्यक्षदर्शियों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है। हमलावरों की पहचान और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
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