छुरा में बारिश बनी आफत: घर के अंदर घुटनों तक पानी, तीसरी-चौथी बार डूबा पूरा परिवार; छोटी नाली ने बढ़ाई मुसीबत
नाली बनी, लेकिन जल निकासी नहीं सुधरी; बारिश में घर बना जलभराव का शिकार

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) किशन सिन्हा:– नगर पंचायत छुरा के गड़ियापारा में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश के बाद हालात इतने खराब हो गए कि एक घर के भीतर ही घुटनों तक पानी भर गया। स्थानीय निवासी लकेश्वर ध्रुव के मुताबिक, इस बारिश के मौसम में यह तीसरी-चौथी बार है, जब उनके घर के अंदर पानी घुस चुका है।
बार-बार घर में पानी भरने से परिवार के सामने रोजमर्रा के सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं कच्चे मकान की दीवारों और ढांचे पर भी पानी का असर पड़ने का खतरा बना हुआ है।
छोटी नाली बनी बड़ी मुसीबत
मकान मालिक के अनुसार, क्षेत्र में नाली का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उसकी क्षमता इतनी कम है कि तेज बारिश के दौरान वह पानी का दबाव संभाल नहीं पाती। आसपास के खेतों और गलियों से आने वाला पानी नाली के बजाय घरों की ओर बहने लगता है। तेज बारिश होते ही पानी घर में घुस जाता है और परिवार को पानी निकालने के साथ-साथ घरेलू सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
घरों की ओर बह रहा पानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बारिश के पानी की निकासी के लिए एक प्राकृतिक रास्ता मौजूद था। समय के साथ यह निकासी मार्ग कहीं न कहीं बाधित हो गया। इसके चलते बारिश का पानी अपने पुराने रास्ते से निकलने के बजाय निचले इलाकों की ओर बह रहा है और घरों में घुस रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पुराने जल निकासी मार्ग को बहाल कर दिया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
जनप्रतिनिधि पहुंचे, लेकिन समाधान नहीं
जलभराव की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पार्षद बलराज पटेल और अध्यक्ष प्रतिनिधि थान सिंह निषाद मौके पर पहुंचे। परिवार ने उन्हें बार-बार घर में पानी घुसने की समस्या से अवगत कराया और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग रखी।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर पहुंचने के बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नजर नहीं आई है। परिवार का कहना है कि हर बारिश के बाद आश्वासन मिलने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी होगी।
कच्चे मकान पर खतरा
बार-बार घर के भीतर पानी घुसने से परिवार को घरेलू सामान, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं के खराब होने का डर सता रहा है। लगातार नमी और पानी के कारण कच्चे मकान की दीवारों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लगातार बारिश जारी रही और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नगरवासियों के मुताबिक, गड़ियापारा में जलभराव की समस्या को केवल एक परिवार की परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जहां-जहां पुराने जल निकासी मार्ग बाधित हुए हैं, वहां बारिश के दौरान पानी निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
अब जरूरत है कि नगर पंचायत जलभराव वाले स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करे, पुराने निकासी मार्गों को चिन्हित कर उन्हें बहाल करे और छोटी नालियों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में तत्काल कदम उठाए। गड़ियापारा के लोगों को अब आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान का इंतजार है।
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