दिगंबर जैन आचार्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का हुआ समाधिमरण

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- परम पूज्य दिगंबर संत, युग दृष्टा, ब्रहमांड के देवता, संत शिरोमणि आचार्य प्रवर श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का दिनांक 17 फरवरी शनिवार तदनुसार माघ शुक्ल अष्टमी पर्वराज के अंतर्गत उत्तम सत्य धर्म के दिन रात्रि में छत्तीसगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में 2:35 बजे ब्रह्म में लीन हो गए।
आचार्य श्री ने पूर्ण जागृतावस्था में आचार्य पद का त्याग करते हुए 3 दिन का उपवास ग्रहण करते हुए आहार एवं संघ का प्रत्याख्यान कर दिया था एवं प्रत्याख्यान व प्रायश्चित देना बंद कर दिया था और अखंड मौन धारण कर लिया था।
संत शिरोमणि के समाधिमरण से स्तब्ध हुआ समूचा भारतवर्ष
संपूर्ण भारतवर्ष के आस्था के केंद्रबिंदु आचार्य श्री के समाधिमरण की खबर से शोक की लहर फैल गई। जिसे भी सूचना मिली वो तुरंत गुरुदेव के अंतिम दर्शन के लिए चंद्रगिरी की ओर रवाना हो गए। गुरुवर श्री का डोला चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ में दोपहर 1 बजे निकाला जाएगा एवं चन्द्रगिरि तीर्थ पर ही पंचतत्व में विलीन किया जावेगा।
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