अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर गरियाबंद में विशेष विधिक जागरूकता शिविर, युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) गरियाबंद :– अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (26 जून) के अवसर पर नालसा (NALSA) की डॉन योजना-2025 (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug-Free India Scheme 2025) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर के निर्देशन में तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शांति मैत्री विकास संस्थान नशा मुक्ति केंद्र, गरियाबंद में विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बी.आर. साहू तथा न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नशे की लत से पीड़ित युवाओं को संबोधित करते हुए माननीय न्यायाधीशों ने कहा कि “नशे को कहें ना, जीवन को कहें हाँ। इस मानव तन की जतन करो, यह तन दोबारा नहीं मिलेगा।” उन्होंने युवाओं को नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सम्मान समाप्त हो जाते हैं

उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। नशे की वजह से व्यक्ति समाज में अपना सम्मान और प्रतिष्ठा भी खो देता है। वहीं मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे कार्यों का अंत कानून की गिरफ्त और जेल में होता है, जिससे जीवनभर की कमाई और सामाजिक सम्मान दोनों समाप्त हो जाते हैं।
शिविर में उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम सहित नशे से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई तथा नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में शांति मैत्री विकास संस्थान नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक, स्टाफ एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी के सहयोग से शिविर का सफल आयोजन संपन्न हुआ।
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