प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या, फिर सांप से डसवाया, पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा; आरोपी कोर्ट में बोले…..

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– पति की गला घोंटकर हत्या करने और मौत को सांप के डसने का मामला दिखाने की कोशिश करने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। मेरठ अदालत ने इस अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी विरलतम श्रेणी का जघन्य अपराध माना। सजा सुनाए जाने से पहले जब अदालत ने दोनों दोषियों से उनकी बात पूछी, तो पत्नी ने अपने तीन छोटे बच्चों की देखभाल करने की गुहार लगाई, जबकि प्रेमी ने अपने बूढ़े माता-पिता की सेवा का हवाला दिया। इसके बाद दोनों अदालत में फूट-फूटकर रोने लगे।
शव के पास मिला सांप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 में उत्तरप्रदेश के हस्तिनापुर क्षेत्र में अमित कश्यप अपने घर में मृत पाए गए थे। उनके शव के पास एक सांप भी मिला था। शुरुआती तौर पर घटना को सर्पदंश से हुई मौत माना जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया। वहीं, अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मामले में नया मोड़ तब आया, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सांप का काटना नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के संदेह में जांच शुरू की। पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ी तो अमित की पत्नी रविता और गांव के पड़ोसी अमरदीप के कथित प्रेम संबंधों की बात सामने आई।
प्रेम संबंध में पति की हत्या की रची साजिश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमरदीप का अमित के घर आना-जाना था और वह उसके साथ काम भी करता था। आरोप था कि रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। इसी के चलते दोनों ने अमित को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
अभियोजन के मुताबिक, दोनों ने अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी और मौत को सर्पदंश दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सांप उपलब्ध कराने के आरोप से जुड़े व्यक्ति से भी पूछताछ की और उसे सरकारी गवाह बनाया।
जांच के बाद रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हत्या के करीब 60 दिन बाद पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए।
551 दिन में 87 तारीखें, 12 से अधिक गवाहों के बयान
मामले की सुनवाई एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत में हुई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, करीब 551 दिनों में सुनवाई के लिए 87 तारीखें पड़ीं और 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह साबित करने का प्रयास किया कि अमित की हत्या की गई थी और घटना को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई थी।
7 अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों दोषियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
कोर्ट में पत्नी बोली- मेरे तीन छोटे बच्चों का ख्याल रखा जाए
सजा सुनाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों दोषियों की बात सुनी। न्यायाधीश ने पूछा कि हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद वे क्या कहना चाहते हैं और उनके लिए क्या सजा होनी चाहिए।
रविता ने अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि उनका ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह चुप हो गई। वहीं, अमरदीप ने कहा कि उसके माता-पिता बूढ़े हैं और उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है। उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। अपनी बात रखने के बाद दोनों रोने लगे।
जज की टिप्पणी- केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर ने अपराध की गंभीरता पर टिप्पणी की। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बिना कहा कि केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं होता।
न्यायाधीश ने पति-पत्नी के रिश्ते और सामाजिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए करवाचौथ का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जहां पत्नी पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है, वहीं इस मामले में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने का कृत्य किया गया, जो माफी के लायक नहीं है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का मामला माना।
मेरठ में लगातार फांसी की सजाओं से चर्चा
इस मामले में सजा के साथ मेरठ की अदालतों में हाल के दिनों में सुनाए गए अन्य फैसले भी चर्चा में रहे। इससे पहले 14 अक्टूबर को चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को भी फांसी की सजा सुनाई गई थी।
छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl
यह खबर भी जरुर पढ़े
नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, मर्डर केस में बड़ा फैसला











