107 एकड़ भूमि शासन के नाम दर्ज किए जाने का आदेश, फिर भी बेचा जा रहा धान, शासन को हो रही आर्थिक क्षति

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :- रायपुर जिले के गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र में सीलिंग सीमा अधिशेष घोषित होने के बाद भी उक्त भूमि पर कृषि कार्य कर धान बेचा जा रहा था। इसकी शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच कार्रवाई तक धान बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए भले ही सरकार ने सख्त निर्देश दिए हों लेकिन कई ऐसे इलाके हैं जहां सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा कर उसका उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है।

ऐसा ही एक मामला गोबरा नवापारा से लगे ग्राम कुर्रा का है जहां 107.43 एकड़ जमीन को न्यायालय आयुक्त भूअभिलेख रायपुर द्वारा 20.12.2023 को सीलिंग सीमा अधिशेष घोषित किया गया है। जिसमें से 60.475 एकड़ भूमि ग्राम कुर्रा में स्थित है। जिसे संजय अग्रवाल ने सहकारी समिति में पंजीयन करा कर समिति में लगभग 140 क्विंटल धान बेच चुका है। बताया जा रहा है कि जिसकी राशि वर्तमान में भी 2300/- रूपय प्रति क्विंंटल के हिसाब से लगभग 3 लाख पेमेंट भी कर दिया गया है। इस तरह शासन की भूमि में धान बेचने से सरकार को भी आर्थिक क्षति पहुंच रही है।

इस पर ग्राम कुर्रा के सरपंच गोवर्धन तारक ने शिकायत दर्ज कराई है। अपने शिकायत में गोवर्धन तारक ने बताया कि संजय अग्रवाल ने कुर्रा में स्थित सीलिंग भूमि को अपने नाम से पंजीयन करा कर धान बेच रहा है। संजय अग्रवाल द्वारा 150 क्विंटल धान साख सहकारी समिति में बेच दिया है। सरपंच तारक ने न्यायालय के आदेश को न्यायहित में मानकर संजय अग्रवाल के पंजीयन को रद्द करने की मांग की है। जिस पर गोबरा नवापारा तहसीलदार सृजन सोनकर ने समिति प्रबंधक को जांच कार्रवाई होने तक धान विक्रय पर रोक लगा दी है।

भूमि शासन के नाम दर्ज किए जाने का आदेश

बता दे कि न्यायालय आयुक्त भूअभिलेख रायपुर में कई सालों तक चले इस  प्रकरण में 107.43 एकड़ भूमि ग्राम सांकरा स्थित 25.275 एकड़, ग्राम बोरसी स्थित 21.68 एकड़, ग्राम कुर्रा स्थित 60.475 एकड़ कुल 107.43 एकड़ भूमि को सीलिंग सीमा से अतिशेष घोषित किया गया। साथ ही उक्त भूमि को रिकार्ड दुरूस्ती कर शासन के नाम दर्ज किए जाने के आदेश दिए गए है। आदेश पारित होने के बाद भी संजय अग्रवाल द्वारा लगभग 350 कट्टा धान सहकारी समिति में बेच दिया गया है।

20.12.2023 को जारी आदेश में एक सप्ताह के भीतर 107.43 एकड़ भूमि को रिकार्ड दुरुस्तीकरण कर शासन के नाम दर्ज किए जाने की कार्रवाही के लिए सबंधित सक्षम प्राधिकारी जिला रायपुर, बेमेतरा तथा धमतरी को कहा गया है। लेकिन इस पर अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाही नहीं की है। कुर्रा सरपंच ने मांग करते हुए कहा कि इस आदेश पर कार्रवाही करते हुए जल्द से जल्द यह भूमि शासन के नाम दर्ज किया जाए जिससे गाँव के भूमिहीन लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।

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