छत्तीसगढ़ बजट पर सियासत तेज, पक्ष ने बताया विकास का रोडमैप तो विपक्ष ने उठाए सवाल

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। जहां सत्तापक्ष इसे विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत और दूरदर्शी कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने बजट को निराशाजनक और जमीनी मुद्दों से भटका हुआ करार दिया है। सत्तापक्ष का दावा है कि यह बजट ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है। वहीं विपक्षी का आरोप है कि बजट में रोजगार सृजन, महंगाई, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर ठोस कार्ययोजना का अभाव है।
समावेशी बजट ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ की दिशा में मजबूत कदम – चंदूलाल साहू

छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह समावेशी बजट प्रदेशवासियों के लिए पिछले दो वर्षों की तरह ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ सिद्ध होगा। श्री साहू ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना में 10,000 करोड़, विद्युत पंपों के लिए 5,500 करोड़ की बिजली सब्सिडी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु 820 करोड़, दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के लिए 600 करोड़ तथा गन्ना किसानों के बोनस हेतु 60 करोड़ का प्रावधान सरकार की किसान-हितैषी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना के लिए 4,000 करोड़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु 1,700 करोड़, ग्रामीण आवास के लिए 4,000 करोड़ तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 6,500 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना में 100 करोड़ और शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु 100 करोड़ की व्यवस्था सराहनीय है। महिलाओं के नाम पर भूमि एवं संपत्ति क्रय पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट को उन्होंने मातृशक्ति सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल बताया।
श्री साहू ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को सिद्ध करता है।
छत्तीसगढ़ बजट विकास की नई दिशा तय करेगा -श्याम अग्रवाल

भाजपा आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्याम अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे संतुलित, विकासोन्मुखी और जनहितैषी बताया है। श्याम अग्रवाल ने कहा कि 1.72 लाख करोड़ के आकार का यह बजट राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति और दूरदर्शी वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से 7.09 लाख करोड़ के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) और 2.87 प्रतिशत के नियंत्रित राजकोषीय घाटे को राज्य की वित्तीय अनुशासन का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए 10,000 करोड़ की कृषक उन्नति योजना, धान खरीदी के लिए 6,000 करोड़, महिलाओं के लिए 8,200 करोड़ की महतारी वंदन योजना तथा युवाओं के लिए सीजी-एसीई और कौशल विकास योजनाओं का प्रावधान राज्य के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना पर बढ़ा हुआ पूंजीगत व्यय राज्य को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट “विकसित छत्तीसगढ़” की मजबूत नींव रखेगा और समाज के हर वर्ग को लाभान्वित करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को इस दूरदर्शी बजट के लिए बधाई देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
किसान हित सर्वाेपरि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा – राजेश साहू

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री राजेश साहू ने बजट को “अन्नदाता के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि” को समर्पित बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट करता है कि कृषि केवल परंपरा नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक धुरी है। प्रदेश मंत्री ने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 13,500 करोड़ से अधिक का प्रावधान सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। विशेष रूप से 10,000 करोड़ की कृषक उन्नति योजना के तहत सीधे किसानों के खातों में राशि अंतरित करने की व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी और किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगी।
धान खरीदी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर 25 लाख से अधिक किसानों से 140 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी और समयबद्ध भुगतान ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है। सिंचाई विस्तार के लिए 5,500 करोड़ तथा इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ से अधिक के बैराज निर्माण से 32,000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी, जिससे फसल विविधीकरण और उत्पादकता बढ़ेगी।
भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ तथा राइस मिल, पोल्ट्री और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन से स्थानीय रोजगार सृजन होगा और पलायन रुकेगा। राजेश साहू ने कहा कि यह बजट किसान को “लाभार्थी” से आगे बढ़ाकर “उद्यमी” बनाने का रोडमैप है। उन्होंने किसानों से योजनाओं का लाभ लेकर छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी कृषि राज्य बनाने का आह्वान किया।
बजट ‘जुमलों’ तक सिमटा, महिलाओं-युवाओं के हितों की अनदेखी – संध्या राव

नेता प्रतिपक्ष संध्या राव ने बजट को “निराशाजनक और जुमलों का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का जो सपना दिखाया गया है, वह केवल भाषणों तक सीमित है। संध्या राव ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन की ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लाखों शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन सरकार ने उद्योग, कौशल विकास और भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया। किसानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और कृषि लागत में कमी जैसे मूल मुद्दों पर ठोस पहल का अभाव है।
नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने योजनाओं की घोषणाएं तो की हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, स्वरोजगार और स्वसहायता समूहों की आर्थिक मजबूती के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रभावी निगरानी तंत्र दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि महंगाई और घरेलू खर्च के दबाव के बीच महिलाओं को वास्तविक राहत देने की आवश्यकता थी। संध्या राव ने कहा कि मजदूरों को उचित मजदूरी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कोई ठोस नीति बजट में नहीं दिखती। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों की अनदेखी करते हुए सरकार केवल आंकड़ों का खेल खेल रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश को विकसित बनाने का “झुनझुना” है, जो जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता।
छत्तीसगढ़ के आधुनिक विजन का बजट – नागेंद्र वर्मा
भाजपा नवापारा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र वर्मा ने छत्तीसगढ़ के आधुनिक विजन का बजट बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट ‘‘संकल्प’’ थीम पर आधारित है। इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस बजट में विभिन्न घोषणाओं से मध्यम वर्ग सहित प्रदेश के करोड़ों नागरिक लाभान्वित होंगे एवं प्रदेश विकास के नए आयाम के साथ आगे बढ़ेगा। कहा कि यह बजट समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन, मजबूत आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास, अंतिम छोर तक सेवाओं की उपलब्धता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ’गारंटी’ को पूरा करने और छत्तीसगढ़ को 2047 तक ’विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट’ज्ञान’ और ’गति का संगम’ और ’विकसित छत्तीसगढ़’ का आधारस्तम्भ है।
महतारी सम्मान से सशक्त समाज और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की ओर – श्रीमती माधुरी साहू

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश सह-समन्वयक श्रीमती माधुरी साहू ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “संकल्प” बजट प्रदेश के समग्र, संतुलित और दूरदर्शी विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि संवेदनशील और समावेशी शासन की प्रतिबद्धता का सशक्त दस्तावेज है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण राज्य बनाना है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता “महतारी गौरव” की भावना है। महिलाओं के नाम पर भूमि, भवन एवं अचल संपत्ति के क्रय पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देते हुए उनके आत्मविश्वास, सामाजिक भागीदारी और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में किए गए प्रावधान इस संकल्प को ठोस आधार देते हैं। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का प्रमाण है। 250 महतारी सदनों के निर्माण, आंगनबाड़ी एवं पोषण कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण तथा नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होगा।
रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1,50,000 की सहायता, मिशन वात्सल्य तथा लखपति दीदी भ्रमण योजना जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी। श्रीमती साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओ पी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल है, जो प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
बजट में बड़े दावे, जमीनी हकीकत पर सवाल – मोहन चक्रधारी

आम आदर्मी पार्टी के नेता मोहन चक्रधारी ने बजट को “घोषणाओं का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि इसमें आंकड़ों की चमक अधिक है, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस प्रावधानों और क्रियान्वयन की स्पष्ट रणनीति का अभाव है। इस बजट से विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कोई ठोस प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए बड़े प्रावधानों की घोषणा की गई है, लेकिन पूर्व लंबित भुगतान, समर्थन मूल्य और सिंचाई परियोजनाओं पर स्पष्ट समय-सीमा का उल्लेख नहीं है। उन्होंने धान की अंतर राशि और कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन को लेकर पारदर्शिता की मांग की।
मोहन चक्रधारी ने महिलाओं के लिए घोषित योजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट आवंटन तो किया गया है, लेकिन पिछले वर्ष की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। महतारी वंदन योजना से वंचित महिलाओं के नाम पुनः जोड़ने संबंधी घोषणा भी नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर कहा कि नए रोजगार और बेरोजगारी दर कम करने की ठोस रणनीति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर स्पष्ट योजना नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव होगा, जब घोषणाओं के साथ प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
ऐतिहासिक, विकासोन्मुखी और जनकल्याणकारी वाला बजट – अयाज रजा

भाजपा नीति मंच अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष अयाज रजा ने बजट को राज्य के सर्वांगीण विकास, किसानों, महिलाओं, युवाओं और अधोसंरचना को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय क्षेत्रों के सशक्तिकरण का रोडमैप है। यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने बजट को “गांव, गरीब और किसान केंद्रित” बताया।
कहा कि बजट में राजस्व प्राप्ति 1,43,000 करोड़ और कुल व्यय 1,72,000 करोड़ रखा गया है। बजट में महिला एवं बाल विकास पर विशेष जोर दिया गया है। 8,200 करोड़ की महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी निर्माण, 250 महतारी सदन और पोषण योजनाओं के प्रावधान से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक मजबूती मिलेगी। यह बजट नारी सम्मान और सुरक्षा का बजट है। बजट में युवाओं और शिक्षा के लिए बड़ी घोषणाएं की गई है। सीजी-एसीई योजना, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सहायता, मेगा परीक्षा केंद्र, युवा दर्शन योजना और आईटीआई व पॉलीटेक्निक संस्थानों के उन्नयन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार और कौशल विकास को नई दिशा देगा। अयाज रजा ने कहा कि यह बजट “विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
बजट निराशाजनक, विकास और युवाओं के लिए कुछ खास नहीं – टिकेंद्र

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष टिकेंद्र सिंह ठाकुर ने बजट को “निराशाजनक” बताते हुए कहा कि इसमें विकास और युवाओं के भविष्य को लेकर कोई ठोस और नई दिशा नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की गई हैं, लेकिन रोजगार सृजन, उद्योग स्थापना और बेरोजगारी कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना का अभाव है। उनका कहना है कि प्रदेश के लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी की तैयारी में लगे हैं, लेकिन उनके लिए स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने की स्पष्ट नीति बजट में दिखाई नहीं देती।
किसानों के लिए घोषित योजनाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में किए गए वादों की पूर्ण जानकारी और प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी आवंटन को “पर्याप्त नहीं” बताते हुए कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल आवश्यक है। कहा कि बजट में महंगाई, युवाओं के पलायन और छोटे व्यापारियों की चुनौतियों को लेकर कोई ठोस राहत पैकेज नहीं है। कुल मिलकर सरकार का यह बजट जुमले बाजी और निराशाजनक बजट है।
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