पैराली जलाने खेत में लगाई आग: धान संग्रहण केंद्र तक पहुंची, FIR दर्ज

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– पैराली जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद किसान खेतों में आग लगा रहे हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। खेतों में लगाई गई आग से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है, वहीं आसपास के इलाकों में आग फैलने का खतरा भी लगातार बना रहता है। इसका असर तापमान, लोगों के स्वास्थ्य, वन्यजीवों और सरकारी संपत्तियों पर भी पड़ रहा है। प्रशासन लगातार किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद लापरवाही सामने आ रही है।

ऐसा ही एक मामला महासंमुद जिले के बसना स्थित धान संग्रहण केंद्र में हुई है। बसना के गढ़फुलझर में 25 मई को आग लगने की घटना में लगभग 90 हजार रूपए की क्षति हुई है। मामले में धान संग्रहण केंद्र बसना के केंद्र प्रभारी द्वारा थाना बसना में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराया गया है। थाना बसना द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

केन्द्र प्रभारी ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खेत में लगाई गई आग तेज हवा के कारण फैलते हुए धान फड़ की बाउंड्री तक पहुंच गया, जिससे संग्रहण केंद्र के किनारे रखी अनुपयोगी सामग्री आग की चपेट में आ गई। इस घटना में लगभग 1 लाख 75 हजार नग अनुपयोगी एवं सड़ी-गली डनेज प्लास्टिक बोरियां जलकर नष्ट हो गईं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 80 हजार रुपए है। इसके अलावा लगभग 20 नग अनुपयोगी कैप कवर भी जल गए, जिनकी अनुमानित कीमत 10 हजार रुपए है। इस प्रकार कुल लगभग 90 हजार रुपए की क्षति हुई है।

खेतों में आग न लगाएं

केन्द्र प्रभारी ने बताया कि आग लगने की सूचना पाली में कार्यरत चौकीदार द्वारा दोपहर लगभग 3 बजे दी गई। प्रारंभिक स्तर पर कर्मचारियों द्वारा बोर से पानी का छिड़काव कर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी। स्थिति को देखते हुए सरायपाली से दमकल वाहन बुलाया गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खेतों में आग न लगाएं तथा सावधानी बरतें। ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl

यह खबर भी जरुर पढ़े

खाद वितरण में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, इन 4 उर्वरक विक्रेताओं पर FIR के निर्देश, 26 के लाइसेंस हो चुके हैं निलंबित

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button