मंदिर के पीछे जंगल में मिला सिर कटी लाश, ग्रामीणों को नरबली की आशंका, पुलिस ने जताई इस बात की आशंका, जानिए पूरा मामला

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– मंदिर के पीछे एक युवक की सिर कटी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव सड़ी-गली और क्षत-विक्षत हालत में मिला है। शव का सिर गायब मिलने से मामला रहस्यमय हो गया है। मामला कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र का है।
मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सुकुमार किस्कु पिता लखु के रूप में हुई है। सिर गायब होने और मंदिर के पीछे शव मिलने के कारण नरबलि की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस और फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
10 से 15 दिन पुराना है शव
जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह स्थानीय लोगों की नजर मंदिर के पीछे जंगल में पड़े क्षत-विक्षत शव पर पड़ी और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दुर्गुकोंदल पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शव करीब 10 से 15 दिन पुराना है। लंबे समय तक जंगल में पड़े रहने और क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण शव की हालत बेहद खराब हो गई थी।
सिर नहीं होने के कारण मृतक की पहचान करना भी पुलिस के लिए चुनौती बन गया। बाद में शरीर के पास मिले कपड़ों और चप्पलों के आधार पर उसकी पहचान सुकुमार किस्कु के रूप में की गई।
सर्वेयर के तौर पर करता था काम
बताया जा रहा है कि सुकुमार किस्कु पश्चिम बंगाल से हाहालददी क्षेत्र में काम करने आया था। वह मंदिर के पास संचालित सागर स्टोन माइंस से जुड़ा था और वहां सर्वेयर के रूप में काम कर रहा था। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को शव से कुछ दूरी पर एक पेड़ से बंधी रस्सी/गमछा मिला। इसी आधार पर पुलिस को प्रथम दृष्टया युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की आशंका है।
पुलिस का अनुमान है कि यदि युवक ने पेड़ से फांसी लगाई होगी, तो समय बीतने के साथ रस्सी या शव के सड़ने के कारण शरीर नीचे गिर सकता ळें घटनास्थल पर कुछ दूरी से बाल भी मिले हैं, जबकि शव को जानवरों द्वारा नोचे जाने के प्रारंभिक संकेत मिलने की बात पुलिस ने कही है।
सिर गायब होने से संशय
शव मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के जंगल में सिर की तलाश शुरू की, लेकिन सर्च ऑपरेशन के बावजूद सफलता नहीं मिली। मंगलवार को दूसरे दिन भी पुलिस और अन्य टीमों द्वारा आसपास के जंगल में सिर और शरीर के अन्य हिस्सों की तलाश की गई। सिर नहीं मिलने के कारण पुलिस के सामने मौत की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करने की चुनौती बनी हुई है।
ग्रामीणों ने जताई नरबलि की आशंका
मंदिर के पीछे जंगल में सिर कटा शव मिलने और आसपास धार्मिक स्थल होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीणों ने इसे अंधविश्वास या नरबलि से जोड़कर आशंका जताई है। हालांकि, नरबलि की बात की पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।
हर एंगल से जांच जारी
दुर्गुकोंदल थाना प्रभारी सुनील दुबे के अनुसार घटनास्थल पर पेड़ के ऊपर रस्सी मिली है। प्रारंभिक जांच में युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका है। साथ ही शव की स्थिति को देखते हुए जंगली जानवरों द्वारा उसे नोचे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है और सिर की तलाश लगातार जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिलने वाले अन्य साक्ष्यों के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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