आठवीं कक्षा की छात्रा ने घर पर लगाई फांसी, स्कूल प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप, स्कूल के बाहर परिजनों का प्रदर्शन

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– आठवीं कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल में डांट-फटकार और मानसिक दबाव के कारण बच्ची परेशान थी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को प्रताड़ित किए जाने के आरोपों से इनकार किया है। मामले को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है।

शिक्षक के खिलाफ अपशब्द कहने की शिकायत

जानकारी के अनुसार, आकांक्षा सेन छत्तीसगढ़ नगर स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर में कक्षा आठवीं की छात्रा थी। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, 9 अक्टूबर को लंच के दौरान चार छात्राओं द्वारा एक शिक्षिका के लिए अपशब्द कहे जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद प्राचार्य ने संबंधित छात्राओं को बुलाकर पूछताछ की और उन्हें शिक्षकों तथा बड़ों का सम्मान करने की समझाइश दी। इसके बाद छात्राओं को अगले दिन अपने माता-पिता के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था।

स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि सोमवार शाम करीब 6.30 से 7 बजे के बीच आकांक्षा घर में फंदे पर लटकी मिली। घटना के बाद परिवार में शोक छा गया। परिजनों ने स्कूल में हुई घटनाओं और प्रबंधन के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की।

परिजनों के अनुसार, शनिवार को आयोजित अभिभावक-शिक्षक बैठक में आकांक्षा के पिता स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उस दौरान उन्हें इस शिकायत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। सोमवार को छात्राओं को फिर से माता-पिता के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था। इस बीच छात्रा का शव घर पर फंदे से लटका मिला।

स्कूल के बाहर प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग

छात्रा की मौत के बाद मंगलवार को परिजन और स्थानीय लोग स्कूल के बाहर पहुंचे तथा प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। इस मामले में टिकरापारा थाने में शिकायत भी दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व पार्षद देवेंद्र यादव ने भी मामले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चे भावनात्मक रूप से संवेदनशील होते हैं, इसलिए स्कूल प्रबंधन को ऐसे मामलों में सावधानी और संवेदनशीलता से काम लेना चाहिए।

स्कूल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

स्कूल की प्राचार्य इंद्राणी दुबे ने छात्राओं को प्रताड़ित करने के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि शिक्षिका के संबंध में मिली शिकायत पर बच्चियों से बातचीत की गई थी और उन्हें शिक्षकों का सम्मान करने की समझाइश दी गई थी। इसके अलावा उन्हें अगले दिन माता-पिता के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था।

वहीं, चार छात्राओं में से एक के परिजन ओमप्रकाश साहू ने बताया कि स्कूल से उन्हें फोन आया था और पत्नी के साथ स्कूल आने के लिए कहा गया था। उनके मुताबिक, उन्होंने फोन पर कई बार पूछा कि बच्चियों से संबंधित मामला क्या है, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।

पुलिस ने शुरू की जांच

टिकरापारा थाना प्रभारी राजेश सिंह के अनुसार, छात्रा की मौत के मामले में मर्ग कायम किया गया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KHz20xYe8ouK4y2vqJnOXl

यह खबर भी जरुर पढ़े

छात्रा ने बाथरूम में लगाई फांसी, परिजनों ने NSUI छात्र नेता पर ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप; ABVP का प्रदर्शन

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parineeti Raghav Wedding : परिणीति राघव हुए एक-दूजे के , सामने आई ये शानदार फ़ोटोज janhvi kapoor :जान्हवी कपूर की ये लुक , नजरे नहीं हटेंगी आपकी Tamanna bhatia : तमन्ना भाटिया ने फिल्म इंडस्ट्री में पूरे किए 18 साल