बाढ़ के बीच महानदी के निर्माणाधीन एनीकट में फंसे 71 लोग, रायपुर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सभी सुरक्षित

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम टीला (गोबरा नवापारा) में महानदी के निर्माणाधीन एनीकट में बाढ़ में फंसे सभी 71 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 25-26 सितंबर की रात महानदी का जलस्तर बढ़ने से 71 लोग निर्माणाधीन एनीकट में फंस गए थे, जिन्होंने पुल के पिलर पर चढ़कर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की 22 सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव कार्य में गांव के सरपंच हरि शंकर पटेल, पंचगण, ग्रामीण एवं शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक योगेन्द्र कुमार ध्रुव एवं स्टाफ ने सहयोग किया।
बाढ़ में फंसे 71 लोगों में से 66 मजदूर पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के हैं, जबकि 5 लोग ग्राम टीला के निवासी हैं। सभी 66 मजदूरों को शासकीय प्राथमिक शाला टीला के तीन बड़े हॉल में ठहराया गया है।
सभी मजदूर स्वस्थ

शाला परिसर में पेयजल हेतु ओवरहेड टंकी एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था है। भोजन की व्यवस्था निर्माणाधीन एनीकट के ठेकेदार द्वारा की जा रही है, जिसमें सरपंच, ग्रामीण एवं शाला स्टाफ सहयोग कर रहे हैं। शाला परिसर से 100 मीटर की दूरी पर उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं आयुर्वेदिक औषधालय स्थित है। डॉ. सतपाल देवांगन ने दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी दी है। सभी लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सभी मजदूर स्वस्थ हैं।
ठहराए गए तीनों हॉल में ट्यूबलाइट, बल्ब, पंखे चालू स्थिति में हैं तथा सोने के लिए ग्रीन चटाई की व्यवस्था की गई है। स्कूल का मैदान स्वच्छ एवं पूर्णतः सूखा है। सरपंच ने जानकारी दी कि स्कूल के पास 2000 वर्गफीट का महिला भवन भी स्थित है, जहां आवश्यकता पड़ने पर ठहराने की व्यवस्था की जा सकती है ताकि स्कूल संचालन बाधित न हो।
निर्माणाधीन एनीकट के इंजीनियर ने बताया कि जलस्तर कम होने पर एक से दो दिन के भीतर अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया जाएगा।
स्थिति पर लगातार नजर

वहीं अभनपुर के ग्राम पारागांव में फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकालकर उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। ग्राम पारागांव में करीब 250 लोगों के लिए ग्राम पंचायत द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई है। राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी के लिए जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह, एसडीएम रवि सिंह सहित राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहे।
एसडीआरएफ की टीम को लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं तथा अन्य फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
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