शिविर का आयोजन महानदी ब्लड सेंटर एवं आशीर्वाद ब्लड सेंटर, नवापारा के सहयोग से किया गया। सुबह 10 बजे शुरू हुए शिविर में रक्तदान से पहले सभी इच्छुक रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में योग्य पाए गए लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर में कुल 48 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
युवाओं ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान

रक्तदान शिविर में युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया, जबकि नियमित रक्तदाता भी इस पुनीत कार्य में शामिल हुए। रक्तदाताओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में अपना योगदान देना बेहद संतोषजनक अनुभव है।
आयोजकों ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटना, ऑपरेशन, गंभीर बीमारी, प्रसव सहित आपात परिस्थितियों में रक्त की जरूरत पड़ने पर स्वैच्छिक रक्तदाता किसी मरीज और उसके परिवार के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
रक्तदान से पहले रक्तदाताओं के हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की गई। ब्लड सेंटर की चिकित्सकीय एवं तकनीकी टीम ने रक्तदान से पहले और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी।
सहयोगी संस्थाओं और टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान
शिविर को सफल बनाने में महानदी ब्लड सेंटर की टीम से दुर्गा साहू, काजल साहू, भूपेंद्र साहू, गौतम वर्मा और भावेश साहू तथा आशीर्वाद ब्लड सेंटर की टीम से एमडी अरुण कुमार साहू, टेक्नीशियन हिना साहू, विजय नागेश, कामदेव साहू, उबेद अली और निखहत अनित का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इसके अलावा याशीष फाउंडेशन कोपरा के संस्थापक विक्रम निषाद और जयकिशन कौशल ने भी शिविर में सहयोग प्रदान किया। आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं, ब्लड सेंटर की टीम, सिंधी गुरुद्वारा प्रबंधन तथा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
शिविर के समापन पर लोगों से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने संदेश देते हुए कहा “मानवता में प्राण भरें—आओ संकल्पित हों, सब रक्तदान करें।”