हादसे के बाद छिनी रोजी-रोटी! 5 महीने से नौकरी के लिए भटक रही नंदनी के समर्थन में उतरे कांग्रेसी पार्षद, मिला आश्वासन
हादसे में पैर गंवाया, नौकरी के लिए 5 महीने से भटक रही थी नंदनी

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गोबरा नवापारा नगर पालिका के मणिकंचन केंद्र में करीब 8 वर्षों तक सुपरवाइजर के रूप में सेवा देने वाली स्वच्छता दीदी नंदनी साहू के लंबे संघर्ष के बाद अब उनकी सेवा में वापसी की उम्मीद जगी है। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद नंदनी साहू का एक पैर काटना पड़ा था। इसके बाद वे दिव्यांग हो गईं और रोजगार को लेकर पिछले कई महीनों से नगर पालिका के चक्कर लगा रही थीं।
बता दे कि, कुछ समय पूर्व रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हुए सड़क हादसे में नंदनी साहू गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उपचार के दौरान डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। हादसे के बाद तत्कालीन परिस्थितियों में नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा ने उन्हें स्वस्थ होने के बाद दोबारा काम पर रखने का आश्वासन दिया था।
नंदनी साहू के अनुसार, स्वस्थ होने के बाद वे पिछले करीब 5 महीनों से नगर पालिका में अपनी सेवा बहाली को लेकर प्रयास कर रही थीं, लेकिन उन्हें लगातार मौखिक आश्वासन ही मिलता रहा। इससे उनके सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया था।
मामला सामने आने के बाद नगर पालिका के विपक्षी कांग्रेस पार्षदों ने नंदनी साहू के समर्थन में आवाज उठाई और उनकी सेवा बहाली की मांग को लेकर सीएमओ से मुलाकात की। पार्षदों ने कहा कि लंबे समय तक नगर की स्वच्छता व्यवस्था में योगदान देने वाली महिला कर्मचारी को दुर्घटना के बाद रोजगार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
अपेक्षित पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण
पार्षद दीपाली राजपूत ने कहा, “नगर की अध्यक्ष स्वयं महिला हैं। ऐसे में एक पीड़ित महिला की रोजगार संबंधी परेशानी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था। मामले में अब तक अपेक्षित पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।”
वहीं पार्षद अर्जुन साहू ने कहा कि नंदनी साहू ने अपने जीवन के 8 वर्ष नगर की सेवा में दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्वच्छता दीदी के भरोसे नगर की सफाई व्यवस्था में योगदान रहा, उसके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।
इस मामले को प्रमुखता से उठाने वालों में पार्षद रामरतन निषाद, हेमंत सहानी और टिकेश्वर गिलहरे के अलावा छत्तीसगढ़ स्वच्छता दीदी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मला मेथ्यु, जिला अध्यक्ष वर्षा साहू एवं जिला सदस्य संतोष बारले शामिल रहे।
मौखिक रूप से मिला आश्वासन
सभी जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी लवकेश पैकरा से मुलाकात की और नंदनी साहू की सेवा में वापसी की मांग रखी। बताया जा रहा है कि इसके बाद सीएमओ की ओर से मौखिक रूप से आश्वासन दिया गया है कि आगामी 1 अक्टूबर तक नंदनी साहू को उनकी शारीरिक क्षमता के अनुरूप कमांडो या प्लेसमेंट कर्मचारी के रूप में दोबारा सेवा में लिया जाएगा।
अब नंदनी साहू और उनके परिजनों को 1 अक्टूबर का इंतजार है। यदि दिए गए आश्वासन के अनुसार उन्हें सेवा में वापस लिया जाता है, तो यह उनके लिए न केवल रोजगार बल्कि सम्मान के साथ जीवन आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा।
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