आधी रात बहन के साथ युवक को देखते ही भड़का भाई, फावड़ा मारकर हत्या, प्रेमिका समेत तीन गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– जिले में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने गया था। दोनों को युवती के भाई ने देख लिया। विवाद के बाद उसने युवक की हत्या कर दी। इसके बाद शव को पहले घर के पीछे छिपाया गया और बाद में गांव के बीच स्थित एक निर्जन बाड़ी में ले जाकर ठिकाने लगा दिया गया। मामले में पुलिस ने प्रेमिका और उसके दो भाईयों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र का है।
बहन के साथ देख भड़का भाई
पुलिस के मुताबिक मृतक अमित भंडारी और संतोषी सिंह के बीच लव अफेयर था। घटना वाली रात करीब 1.30 बजे तक दोनों की फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद लगभग 2.30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान टेंट का काम खत्म कर घर लौटे संतोषी के भाई बजरंग सिंह को घर के पीछे से आवाज सुनाई दी। वहां पहुंचने पर उसने अमित को अपनी बहन के साथ देख लिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद और मारपीट शुरू हो गई।
इस के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे दीवार पर खून के निशान बन गए। अमित जान बचाकर दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोटों के कारण अमित की मौत हो गई।
शव को पहले छिपाया, फिर दूसरी जगह पहुंचाया
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद बजरंग सिंह ने अमित के शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया। गांव में लोगों की आवाजाही और उसी दौरान डायल-112 की मौजूदगी के कारण शव को तत्काल दूसरी जगह नहीं ले जाया जा सका। अगले दिन बजरंग ने अपने बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित की तलाश करने का नाटक किया और उसके परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी शामिल हुए।
पुलिस के मुताबिक बाद में मौका देखकर दोनों ने शव को गांव के बीच स्थित एक निर्जन बाड़ी में पहुंचा दिया। कुछ समय बाद वहीं अमित का शव बरामद हुआ।
200 से ज्यादा टावर डंप और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज
पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। जांच में 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप, ब्क्त्, प्च्क्त्, ळच्ै, ब्ब्ज्ट फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। संदिग्धों के लगातार बयान बदलने से पुलिस का शक और गहरा गया। जांच के दौरान ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्काे टेस्ट जैसी प्रक्रियाओं का भी सहारा लिया गया।
ट्रैकर डॉग की लीड बनी अहम कड़ी
बिलासपुर से लाई गई सीनियर ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक विमला आरोपियों के घर के पास पहुंची और घर के दो चक्कर लगाने के बाद मुख्य दरवाजे के सामने बैठ गई। इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की बारीकी से जांच की, जहां कथित तौर पर खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने नमूने लेकर जांच की, जिसमें मानव रक्त होने की पुष्टि हुई। यही सुराग जांच की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
पूछताछ में तीनों ने स्वीकारा जुर्म
पुलिस के अनुसार संतोषी सिंह और उसके दोनों भाइयों से पूछताछ की गई। शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग बयान दिए, लेकिन सख्ती से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने के बाद तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फावड़ा/रापा बरामद किया है। इसके अलावा शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई लोहे की छोटी सीढ़ी भी जब्त की गई है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
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