छत्तीसगढ़ में आज बारिश का बड़ा अलर्ट: 17 जिलों में ऑरेंज, 11 में येलो चेतावनी; तेज हवा और बिजली गिरने का भी खतरा

बारिश का असर, स्कूल बंद, गंगरेल के 14 गेट खुले, 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बीती रात से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 25 सितंबर को प्रदेश के 17 जिलों में ऑरेंज और 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय क्षेत्रों में बने गहरे दबाव के प्रभाव से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। IMD ने 25 सितंबर के लिए छत्तीसगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में 25 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं कोंडागांव और कांकेर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

दुर्ग संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। दुर्ग और बालोद में बारिश की संभावना है, जबकि बेमेतरा, गरियाबंद, रायपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और राजनांदगांव में 25 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। महासमुंद में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

17 ऑरेंज और 11 येलो अलर्ट

मौसम विभाग की 25 सितंबर की चेतावनी के अनुसार प्रदेश के कुल 28 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इनमें 17 जिलों में ऑरेंज और 11 जिलों में येलो अलर्ट बताया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा अधिक है, जबकि येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की सलाह है।

बस्तर में बारिश का असर, स्कूल बंद

लगातार बारिश के कारण बस्तर में स्थिति प्रभावित हुई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए बस्तर जिले में 25 सितंबर को स्कूल बंद रखे गए हैं। बारिश के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम रेल मार्ग भी प्रभावित हुआ है और कुछ ट्रेनें रद्द की गई हैं। खराब मौसम के चलते जगदलपुर-हैदराबाद उड़ान भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

27 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर के बाद 26 और 27 सितंबर को भी प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। IMD के उपखंडीय पूर्वानुमान में 26 और 27 सितंबर के लिए भी थंडरस्टॉर्म/लाइटनिंग की चेतावनी है, जबकि 28 सितंबर से कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। आकाशीय बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने तथा तेज हवा के दौरान कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

25 सितंबर 2026 को दोपहर 1.30 बजे के अपडेट के अनुसार गंगरेल बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं और महानदी में करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

वहीं गरियाबंद जिले के सिकासार जलाशय से भी करीब 20 हजार क्यूसेक पानी और सोढ़ूर बांध से 42 हजार क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा जा रहा है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी की गई है।

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भारी बारिश के बीच सिकासार जलाशय का खुबसूरत नजारा

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