मछली कारोबारी की हत्या का पर्दाफाश: तीन गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल

(छत्तीसगढ़ प्रयाग न्यूज) :– गरियाबंद जिले के मछली कारोबारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। हत्या की साजिश किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि मृतक के ही फिश फार्म में काम करने वाले मजदूरों ने की थी। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो नाबालिग बालकों की संलिप्तता भी सामने आई है। मामला धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र का है।
मजदूरी विवाद से शुरू हुई खूनी साजिश
जानकारी के अनुसार गरियाबंद के मैनपुर अंतर्गत ग्राम बोईरगांव (दर्रीपारा) निवासी विप्लभ मंडल (55 वर्ष) का धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसका शव धमतरी-गरियाबंद मार्ग में खून से लथपथ हालत में मिला। घटना की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि विप्लव मंडल पिछले कई वर्षों से निजी फिश फार्म संचालित कर रहे थे, जहां आरोपी मजदूरी करते थे।
मजदूरी नहीं बढ़ाने पर हत्या की साजिश रची
आरोपियों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन मांग पूरी नहीं होने और अपमानजनक व्यवहार से वे नाराज थे। इसी रंजिश में उन्होंने कारोबारी की हत्या की साजिश रची। 25 जून को वारदात की पहली योजना बनाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर 27 जून को दोबारा योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया गया।
घटना वाले दिन विप्लव मंडल अपने साथी के साथ नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहे थे। आरोपियों ने पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने पहले कारोबारी के साथी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया, जिससे वह कुछ नहीं देख सका और जान बचाकर वहां से भाग निकला।
इसके बाद विप्लव मंडल को चारों ओर से घेरकर लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आरोपियों ने मछली बिक्री की नगदी और मोबाइल फोन लूट लिए तथा रकम का आपस में बंटवारा कर फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर की सूचना और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया। पुलिस ने टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19), सुरेंद्र यादव (26) और जगदीश विश्वकर्मा (50) निवासी ग्राम बोईरगांव थाना मैनपुर जिला गरियाबंद को गिरफ्तार किया है।
जांच में दो विधि से संघर्षरत बालकों की भूमिका भी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दोनों विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कैश, मोबाइल, हथियार और बाइक बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूट की 37800 रुपये नकद, मृतक के दो मोबाइल फोन, घटना की योजना में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त तीन लकड़ी के डंडे, दो लोहे के चाकू, दो मोटरसाइकिल तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 103(1), 309(6) और 311 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। .
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